गाजियाबाद में संपत्ति कर वृद्धि का विवाद – व्यापारियों और नागरिकों में आक्रोश

गाजियाबाद। नगर निगम द्वारा आवासीय व व्यावसायिक संपत्ति करों में 300 से 400 प्रतिशत तक की वृद्धि किए जाने के विरोध में नागरिकों और व्यापारिक संगठनों का आक्रोश लगातार बढ़ रहा है।
जनप्रतिनिधियों के विरोध के बाद 09 अक्टूबर 2024 तथा 07 जनवरी 2025 की नगर निगम बोर्ड बैठक में इस प्रस्ताव को निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद 30 जून 2025 को हुई बैठक में सांसद, विधायकों, महापौर एवं सभी पार्षदों ने एकमत से बढ़े हुए कर को अस्वीकार करते हुए पुरानी दरें ही लागू रखने का निर्णय लिया था।
इसके बावजूद नगर निगम के उच्च अधिकारियों द्वारा बढ़े हुए कर दरों के आधार पर नोटिस व बिल नागरिकों को भेजे जा रहे हैं। इससे नाराज नागरिक व व्यापारी लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
महानगर उद्योग व्यापार मंडल सहित कई संगठनों ने मांग की है कि 300-400% की कर वृद्धि को पूरी तरह से वापस लिया जाए और जनता पर अनावश्यक बोझ न डाला जाए।



