खेत में पराली जलाने से बचें किसान

किसान फसल अवशेषों का खेत में ही नष्ट करने का करें प्रबंधन

भरथना,इटावा। किसानों को पराली जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करने और फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सोमवार को सामहो ग्राम पंचायत स्तर पर किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। ग्राम प्रधान बृजेन्द्र बाबू की अध्यक्षता में आयोजित गोष्ठी में कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के विभिन्न उपाय बताए। साथ ही मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने,लागत कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए वैज्ञानिक तरीके अपनाने पर जोर दिया गया।
गोष्ठी में पूर्व विषय वस्तु विशेषज्ञ सत्येन्द् सिंह ने किसानों को बताया कि धान की कटाई के बाद खेतों में बचे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करना चाहिए। पराली जलाने से मिट्टी में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव प्रभावित होते हैं और पोषक तत्वों को नुकसान पहुंचता है। इससे वायु प्रदूषण भी बढ़ता है। फसल अवशेषों का सही इस्तेमाल करने से मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में मदद मिल सकती है।

गोष्ठी में किसानों को फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए निम्न उपाय अपनाने की सलाह दी गई। सुपर सीडर,हैप्पी सीडर और अन्य उपयुक्त कृषि यंत्रों की मदद से पराली का प्रबंधन करते हुए खेत में अगली फसल की बुवाई की जा सकती है। उचित कृषि विधि अपनाकर पराली को खेत में मिलाने से जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने और मिट्टी की संरचना सुधारने में मदद मिलती है। फसल अवशेषों से कम्पोस्ट तैयार कर खेतों में इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे मिट्टी में जैविक पदार्थों की मात्रा बढ़ाने में सहायता मिलती है। पराली जलाने से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण बढ़ाता है। इससे बचने के लिए किसानों को वैकल्पिक प्रबंधन विधियां अपनानी चाहिए।मिट्टी की जरूरत के अनुसार खाद एवं उर्वरकों का इस्तेमाल करें और मृदा स्वास्थ्य बनाए रखने पर ध्यान दें।

सहायक विकास अधिकारी कृषि दिलीप कुमार ने किसानों से पराली नहीं जलाने की अपील करते हुए फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं की जानकारी प्राप्त करने तथा खेती में आधुनिक तकनीकों का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया।
गोष्ठी में कृषि संबंधी समस्याओं, फसल अवशेष प्रबंधन और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के उपायों पर भी चर्चा की गई। इस अवसर पर उदयवीर सिंह, विजय पाल और डॉ.दिनेश सहित अन्य लोग मौजूद रहे

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