राम सीधे और कृष्ण टेढ़े? जब धीरेंद्र शास्त्री के बयान पर मचा कोहराम, तो अनिरुद्धाचार्य ने दिया ऐसा जवाब कि सब शांत हो गए

Dhirendra Krishna Shastri Row: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की एक हालिया टिप्पणी ने आध्यात्मिक और राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। उन्होंने एक प्रसंग के दौरान कहा था कि ‘मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम सीधे और भगवान श्रीकृष्ण थोड़े टेढ़े हैं।’ बयान सामने आते ही जैसे ही विवाद ने तूल पकड़ा, धीरेंद्र शास्त्री ने बिना देर किए वीडियो संदेश जारी कर सार्वजनिक रूप से क्षमा मांग ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके मन में भगवान श्रीकृष्ण के प्रति कोई दुर्भावना नहीं थी, बल्कि एक भावुक भक्त के नजरिए से दोनों ईश्वरीय स्वरूपों की जीवनशैली की सहज तुलना की गई थी। दोनों ही अवतारों का मूल उद्देश्य धर्म की स्थापना था—जहां प्रभु राम ने अहंकारी रावण का अंत किया, वहीं कान्हा ने आततायी कंस का वध कर मानवता की रक्षा की।

अखिलेश यादव का आक्रामक रुख और सियासी समीकरण

धीरेंद्र शास्त्री के माफी मांगने के बाद भी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव इस मुद्दे को लेकर हमलावर हैं। जानकारों का मानना है कि उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह सपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकता है। अखिलेश यादव इस बयान के जरिए यदुवंशी समाज की धार्मिक भावनाओं को जोड़कर अपने पाले में मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। गौरतलब है कि सपा मुखिया और बाबा बागेश्वर के बीच पुरानी तल्खी रही है, जब अखिलेश ने कथा के नाम पर भारी रकम लेने का आरोप लगाया था और शास्त्री ने इस पर पलटवार किया था। राजनीतिक जानकारों का यह भी मानना है कि पारंपरिक यादव वोट बैंक में किसी भी संभावित सेंधमारी को रोकने और पीडीए रणनीति के बीच अपने कोर वोटरों को लामबंद करने के लिए सपा इस विवाद को बड़ा मुद्दा बना रही है।

यूपी में धार्मिक आयोजनों की बाढ़ और नेताओं की रणनीति

चुनावी आहट के बीच पूरे उत्तर प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की संख्या में अचानक भारी उछाल आया है। राजनीतिक दलों के जनप्रतिनिधि और दावेदार इन आयोजनों के जरिए सीधे तौर पर ग्रामीण मतदाताओं और महिला वर्ग के बीच अपनी गहरी पैठ बना रहे हैं। धर्म और आस्था के मंच अब जनसंपर्क का सबसे असरदार जरिया बन चुके हैं, जहां से सीधे जनता की नब्ज टटोली जा रही है।

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धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में उतरे राजा भैया और अनिरुद्धाचार्य

एक तरफ जहां समाजवादी पार्टी और उससे जुड़े संगठन धीरेंद्र शास्त्री के उत्तर प्रदेश में प्रवेश पर आजीवन प्रतिबंध लगाने की मांग उठा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ ‘राजा भैया’ ने बड़ा दांव चल दिया है। राजा भैया ने बाबा बागेश्वर के विरोध को दरकिनार करते हुए अपने क्षेत्र में उनकी भव्य कथा के आयोजन की घोषणा कर दी है और सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की है। उधर, प्रख्यात कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज भी धीरेंद्र शास्त्री के समर्थन में खुलकर सामने आए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि राम और कृष्ण एक ही ईश्वरीय चेतना के दो अभिन्न रूप हैं, इसलिए भक्तों को किसी गलतफहमी या बयान को बेवजह राजनीतिक तूल नहीं देना चाहिए।

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