पाकिस्तान दहल उठा! ज़बरदस्त IED धमाका, पुलिस के काफिले पर हमले में 7 लोगों की मौत

Pakistan IED Blast: अब यह सवाल उठ रहा है कि पाकिस्तान—जो दुनिया के सामने शांति की छवि पेश करता है—असल में पर्दे के पीछे क्या कर रहा है? ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच, पाकिस्तान की भूमिका को लेकर एक सनसनीखेज रिपोर्ट ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि पाकिस्तान ने अपने एयरबेस पर ईरानी सैन्य विमानों को पनाह दी, ताकि उन्हें अमेरिका के संभावित हमलों से बचाया जा सके। खास बात यह है कि यह गुपचुप मदद उस समय दी गई, जब पाकिस्तान साथ ही साथ मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश भी कर रहा था।
आखिर हुआ क्या था?
CBS News की एक रिपोर्ट के अनुसार, सीज़फ़ायर लागू होने के कुछ ही दिनों बाद ईरान ने अपने कई अहम सैन्य विमान पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर भेज दिए। रावलपिंडी के पास स्थित यह ठिकाना पाकिस्तान के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों में से एक माना जाता है। बताया गया है कि इन विमानों में ईरानी वायुसेना का एक RC-130 विमान भी शामिल था- यह एक ऐसा विमान है जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से खुफिया जानकारी जुटाने और निगरानी अभियानों के लिए किया जाता है।
क्या अफ़गानिस्तान में भी विमान छिपाए गए थे?
रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि ऐसा सिर्फ़ पाकिस्तान में ही नहीं हुआ; ईरान ने अपने कुछ नागरिक विमान अफ़गानिस्तान भी भेजे थे। ‘महान एयर’ का एक ईरानी विमान कथित तौर पर दुश्मनी शुरू होने से पहले ही काबुल पहुँच गया था और हवाई क्षेत्र बंद होने के बाद वहीं फंसा रह गया। हालाँकि, तालिबान सरकार और पाकिस्तान के वरिष्ठ अधिकारियों, दोनों ने ही इन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। पाकिस्तान के अनुसार, नूर खान एयरबेस पर विमानों को छिपाना नामुमकिन है, क्योंकि यह ठिकाना शहर के ठीक बीचों-बीच स्थित है।
अमेरिकी सीनेटरों में गुस्सा
इस रिपोर्ट ने अमेरिका के भीतर तीखी प्रतिक्रिया पैदा कर दी है। अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने इस मामले पर कड़ी आलोचना की है। ग्राहम ने कहा, “अगर यह रिपोर्ट सच साबित होती है, तो अमेरिका को मध्यस्थ के तौर पर पाकिस्तान की भूमिका पर फिर से विचार करना होगा।” पाकिस्तानी रक्षा अधिकारियों के पिछले बयानों का हवाला देते हुए, उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इस खबर से खास हैरानी नहीं हुई है।
इस देश में कत्लेआम: 80 से ज्यादा मौतें, हर तरफ तबाही का मंजर
पाकिस्तान इस समय एक नाजुक स्थिति में फंसा हुआ है। एक तरफ, वह अमेरिका के सामने खुद को ‘शांति दूत’ के तौर पर पेश करना चाहता है, तो दूसरी तरफ, वह ईरान और चीन जैसे पड़ोसी देशों को नाराज करने से भी बचना चाहता है। हालांकि ईरान और अमेरिका के बीच 8 अप्रैल से ही संघर्ष-विराम लागू है, फिर भी तनाव बना हुआ है। पिछले महीने, पाकिस्तान ने दोनों देशों के बीच बातचीत कराने की कोशिश की थी, लेकिन उसे इसमें कोई सफलता नहीं मिली। अब, इस नई जानकारी ने पाकिस्तान की विश्वसनीयता पर संदेह की छाया डाल दी है।



