श्रीराम कथा में उमड़ा आस्था का महासैलाब, 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया श्रवण

सुलतानपुर। बल्दीराय तहसील क्षेत्र के सिंहनी झील स्थित अमृत गार्डेन में चल रही नौ दिवसीय श्रीराम कथा के सातवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला।अंतरराष्ट्रीय श्रीराम कथा गायक राजन जी महाराज के मुखारविंद से कथा श्रवण के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े।भीड़ का आलम यह रहा कि विशाल पंडाल भी छोटा पड़ गया।श्रद्धालुओं के लिए पंडाल के बाहर भी हजारों कुर्सियां लगवानी पड़ीं।

आयोजक ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार सिंह के ने बताया कि सातवें दिन लगभग 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने कथा का रसपान किया।कथा व्यास राजन जी महाराज ने कहा कि प्रभु श्रीराम धन-संपदा और भौतिक वैभव से नहीं,बल्कि सच्ची भक्ति और भजन से प्राप्त होते हैं।

उन्होंने कहा,मेरा राम केवल भजन में मिलेगा।रामकथा केवल कथा श्रवण का माध्यम नहीं,बल्कि जीवन में मर्यादा,संस्कार और आदर्श आचरण अपनाने की प्रेरणा भी है। सातवें दिन की कथा में श्रीराम वनगमन के प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।महाराज ने निषादराज गुह से भेंट,केवट संवाद,ऋषि भारद्वाज के आश्रम पहुंचने और महर्षि वाल्मीकि से संवाद के प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया।इससे पूर्व छठवें दिन श्रीराम विवाहोत्सव और माता सीता की विदाई का मार्मिक प्रसंग सुनकर श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गई थीं।

कथा के बीच ‘सोई जाने जेहिं देइ जनाई’ और ‘प्रभु जी रीझे ला रिझावै ला कवन गुनवा से’ जैसे मधुर भजनों की प्रस्तुति ने माहौल को भक्तिमय बना दिया।श्रद्धालु भक्ति रस में डूबकर झूमते रहे। पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा।कथा आयोजक जिला पंचायत अध्यक्ष उषा सिंह के पति एवं ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार सिंह के अनुसार प्रतिदिन करीब 40 से 50 हजार श्रद्धालु कथा श्रवण और प्रसाद ग्रहण करने पहुंच रहे हैं।सातवें दिन उमड़ी भारी भीड़ ने आयोजन की भव्यता को दर्शाया।कथा का आयोजन भाजपा नेत्री जिला पंचायत अध्यक्ष ऊषा सिंह और उनके पति ब्लॉक प्रमुख शिवकुमार सिंह की ओर से किया जा रहा है।कार्यक्रम में अनेक संत-महात्मा,गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु मौजूद रहे।

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