श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर एसआरएम आईएसटी में गूंजा भक्ति और उल्लास, दही-हांडी में दिखा विद्यार्थियों का जोश

गाजियाबाद। एसआरएम इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एसआरएम आईएसटी) के दिल्ली-एनसीआर परिसर में 3 सितंबर 2026 को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव श्रद्धा, उमंग और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। मेजर ध्यानचंद ग्राउंड में आयोजित समारोह में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ दोपहर 3 बजे जन्माष्टमी पूजन एवं आरती के साथ हुआ। पूजन के दौरान पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर नजर आया। समारोह में विश्वविद्यालय के निदेशक डॉ. एस. विश्वनाथन, डीन डॉ. आर.पी. महापात्रा, डीन-रिसर्च तथा डीन-आईक्यूएसी सहित विश्वविद्यालय के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।
पूजन एवं आरती के बाद विद्यार्थियों ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनकी लीलाओं और शिक्षाओं पर आधारित आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। प्रस्तुतियों ने उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। साथ ही विद्यार्थियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, आध्यात्मिक परंपराओं और श्रीकृष्ण के जीवन-मूल्यों को युवा पीढ़ी तक पहुंचाने का संदेश दिया गया।
दही-हांडी प्रतियोगिता में दिखा उत्साह
समारोह का मुख्य आकर्षण दही-हांडी प्रतियोगिता रही। इसमें विद्यार्थियों ने पूरे जोश और उत्साह के साथ हिस्सा लिया। टीमों ने आपसी सहयोग, समन्वय और सामूहिक प्रयास के जरिए दही-हांडी फोड़ने का प्रयास किया। प्रतियोगिता के दौरान विद्यार्थियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। आयोजन ने उनमें नेतृत्व क्षमता, टीम भावना और सहयोग की भावना को बढ़ावा दिया।
उत्कृष्ट प्रतिभागियों को किया सम्मानित
विभिन्न प्रतियोगिताओं एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया और समारोह का समापन हुआ।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय नेतृत्व ने विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के साथ युवा पीढ़ी में अनुशासन, टीम भावना, सद्भाव, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना आवश्यक है।
एसआरएम आईएसटी दिल्ली-एनसीआर परिसर में आयोजित जन्माष्टमी महोत्सव आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक अभिव्यक्ति, आनंद और सामूहिक सहभागिता का यादगार अवसर बना। समारोह ने विश्वविद्यालय समुदाय को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके प्रेरणादायी मूल्यों से जुड़ने का सार्थक अवसर प्रदान किया।



