कहीं आप भी तो नहीं खरीद रहे नकली मिठास वाला कद्दू, असली देसी और हाइब्रिड की ऐसे करें तुरंत पहचान

Desi vs Hybrid Pumpkin: इन दिनों देशभर की सब्जी मंडियों और स्थानीय बाजारों में कद्दू की खूब आवक हो रही है। घरों में इसकी सब्जी, हलवा और कई पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं। ऐसे में खरीदारों के सामने एक बड़ा सवाल रहता है कि बाजार में मिलने वाला कद्दू देसी है या हाइब्रिड। दोनों ही किस्में खाने योग्य हैं लेकिन इनके स्वाद, बनावट और उपयोग में कई अंतर देखने को मिलते हैं।
क्यों जरूरी है सही कद्दू की पहचान?
कद्दू को अलग-अलग क्षेत्रों में सीताफल, काशीफल और कोहड़ा जैसे नामों से जाना जाता है। आज बाजार में इसकी कई किस्में मौजूद हैं। हाइब्रिड कद्दू का उत्पादन अधिक होता है जबकि देसी कद्दू अपने पारंपरिक स्वाद के लिए पसंद किया जाता है। इसलिए खरीदारी से पहले दोनों के बीच का अंतर जानना फायदेमंद हो सकता है।
देसी और हाइब्रिड कद्दू में फर्क (How to identify organic pumpkin)
देसी कद्दू स्थानीय बीजों और पारंपरिक खेती के जरिए तैयार किया जाता है। यही वजह है कि अलग-अलग राज्यों में इसका रंग और आकार थोड़ा अलग दिखाई दे सकता है।
दूसरी तरफ हाइब्रिड कद्दू दो अलग किस्मों के मिश्रण से विकसित किया जाता है। इसका उद्देश्य ज्यादा उत्पादन और बड़ा आकार प्राप्त करना होता है।
दोनों की पहचान का एक आसान तरीका उनकी ताजगी की अवधि है। हाइब्रिड कद्दू तोड़ने के बाद भी लगभग 5 से 6 दिन तक ताजा बना रहता है। वहीं देसी कद्दू घर लाने के कुछ दिनों बाद पकने लगता है और ज्यादा समय खुला रखने पर खराब भी हो सकता है।
- आकार देखकर पहचानें कौन सा कद्दू खरीद रहे हैं
- खरीदारी के समय सबसे पहले कद्दू के आकार पर नजर डालें।
- देसी कद्दू आमतौर पर छोटे होते हैं और उनका आकार पूरी तरह एक जैसा नहीं होता। उनमें प्राकृतिक असमानता दिखाई देती है।
वहीं हाइब्रिड कद्दू आकार में बड़े और लगभग एक जैसे दिखते हैं। यदि किसी दुकान पर एक समान बड़े आकार के कई कद्दू रखे हों तो उनके हाइब्रिड होने की संभावना ज्यादा होती है।
छिलका भी बताता है पूरी कहानी
- विशेषज्ञों के अनुसार कद्दू का बाहरी हिस्सा उसकी किस्म पहचानने में मदद करता है।
- देसी कद्दू का छिलका अपेक्षाकृत मोटा और मजबूत होता है। उस पर गहरे रंग की धारियां या प्राकृतिक निशान साफ दिखाई देते हैं।
- हाइब्रिड कद्दू का छिलका पतला और चमकदार नजर आता है। इसकी सतह अधिक चिकनी होती है और उस पर मौजूद निशान हल्के दिखाई देते हैं।
स्वाद और खुशबू से समझें फर्क
- कई लोग कद्दू का चुनाव उसके स्वाद के आधार पर करते हैं।
- देसी कद्दू में हल्की प्राकृतिक मिठास और मिट्टी जैसी सोंधी खुशबू महसूस होती है। यही कारण है कि इसकी सब्जी और हलवा अधिक स्वादिष्ट माना जाता है।
- इसके मुकाबले हाइब्रिड कद्दू में खुशबू कम होती है। स्वाद भी अपेक्षाकृत हल्का होता है और उसमें पारंपरिक मिठास उतनी नहीं मिलती।
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बीजों से भी हो सकती है पहचान
- यदि कद्दू कट चुका हो तो उसके बीज देखकर भी अंतर समझा जा सकता है।
- हाइब्रिड कद्दू के बीज चपटे और हल्के अंडाकार होते हैं। उनका बाहरी आवरण अपेक्षाकृत सख्त होता है।
- देसी कद्दू के बीज मोटे और नरम महसूस होते हैं। उनका छिलका हल्का होता है। आमतौर पर सुखाकर खाने वाले पौष्टिक कद्दू के बीज देसी किस्म से ही प्राप्त किए जाते हैं।



