Cough Syrup से बच्चों की मौत, 10% कमीशन के लालच में डॉक्टर ने दी दवा

मध्य प्रदेश में कफ सिरप (Cough Syrup) से बच्चों की मौत ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। अब तक इस दवा से 23 बच्चों की जान जा चुकी है। छिंदवाड़ा जिले में पुलिस की जांच से बड़ा खुलासा हुआ है कि डॉक्टरों को इस कफ सिरप को लिखने पर 10% कमीशन मिल रहा था।
डॉक्टर को मिल रहा था कमीशन, बच्चों की जान से किया खिलवाड़
पुलिस के मुताबिक, डॉ. प्रवीण सोनी को Shrisan Pharmaceutical Manufacturers नामक कंपनी से 10% कमीशन मिल रहा था। यही वजह थी कि वह लगातार बच्चों को कोल्ड्रिफ सिरप (Coldrif Cough Syrup) लिखते रहे।
यह मामला तब सामने आया जब तमिलनाडु सरकार ने कंपनी का प्लांट बंद कर उसका लाइसेंस रद्द कर दिया। इसके बाद ईडी (ED) ने कंपनी के कई ठिकानों पर छापेमारी भी की।
अदालत ने ज़मानत याचिका की खारिज
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश गौतम कुमार गुर्जर ने डॉक्टर की जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि डॉक्टर ने यह जानते हुए भी सीरप लिखा कि यह खतरनाक हो सकता है।
Coldrif Cough Syrup: सांसों को तोड़ता सिरप, कंपनी और तंत्र दोनों में कौन जिम्मेदार
अदालत में पेश की गई पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, 18 दिसंबर 2023 को भारत सरकार ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आदेश दिया था कि चार साल से कम उम्र के बच्चों को Fixed Dose Combination (FDC) वाली दवाएं न दी जाएं। बावजूद इसके, डॉ. सोनी ने वही कफ सिरप देना जारी रखा।
पुलिस जांच में सामने आई अहम बातें
सबसे अहम बात यह सामने आई कि डॉक्टर को हर लिखे गए सीरप पर 10% कमीशन दिया जा रहा था। डॉ. सोनी ने अदालत में इन आरोपों को खारिज किया है। उनके वकील पवन कुमार शुक्ला ने कहा कि डॉ. प्रवीण सोनी एक सरकारी डॉक्टर हैं और उन्होंने जो दवाएं दीं, वे उस समय की ज़रूरत के अनुसार थीं।



