बदल गई BJP की पूरी रणनीति, क्या यूपी-पंजाब जीतने का ये नया फॉर्मूला काम आएगा

BJP new national team 2026: भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आगामी चुनावी राज्यों को साधने और सांगठनिक ढांचे को और अधिक धार देने के लिए अपनी नई राष्ट्रीय टीम की घोषणा कर दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में गठित इस 64 सदस्यीय नई टीम में कई चौंकाने वाले और रणनीतिक बदलाव देखने को मिले हैं।
पार्टी ने अनुभवी दिग्गजों को वापस मैदान में उतारने के साथ-साथ युवा चेहरों और तकनीकी विंग में भी बड़े फेरबदल किए हैं। खास तौर पर राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी की संगठनात्मक राजनीति में वापसी को पार्टी की एक बड़ी और सोची-समझी रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
वसुंधरा राजे और स्मृति ईरानी को मिली बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी द्वारा जारी नई सूची के अनुसार, भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री और दिग्गज नेत्री वसुंधरा राजे को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का महत्वपूर्ण दायित्व सौंपा है। इन दोनों महिला नेताओं को संगठन में अहम जिम्मेदारी देकर पार्टी ने आने वाले राजनीतिक समीकरणों को साधने की कोशिश की है। इसके अलावा, भाजपा की इस 64 सदस्यीय राष्ट्रीय टीम में 13 उपाध्यक्ष, 8 महामंत्री, 16 मंत्री, कोषाध्यक्ष, कार्यालय प्रभारी, नॉर्थ ईस्ट संयोजक, मोर्चा अध्यक्ष और मीडिया एवं सोशल मीडिया से जुड़े कई पदाधिकारी शामिल हैं। पार्टी ने विशेष रूप से दक्षिण और पूर्व के राज्यों के चेहरों को भी संगठन में उचित तवज्जो दी है।
आईटी सेल और सोशल मीडिया विंग में बड़ा बदलाव
संगठन में किए गए इन बदलावों के बीच सोशल मीडिया और आईटी विंग में किया गया फेरबदल राजनीतिक गलियारों में खासी चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी ने लंबे समय से सोशल मीडिया और आईटी सेल की कमान संभाल रहे अमित मालवीय को हटाकर अब दीपक महस्के को नया सोशल मीडिया हेड नियुक्त किया है। डिजिटल और जनरेशन ज़ी (Gen Z) मतदाताओं के दौर में पार्टी अपनी तकनीकी टीम को और अधिक आक्रामक और सक्रिय बनाना चाहती है, जिसके तहत यह बड़ा संगठनात्मक कदम उठाया गया है।
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आगामी विधानसभा चुनावों पर टिकी हैं निगाहें
देश के कई राज्यों में अगले साल महत्वपूर्ण विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, जिसे ध्यान में रखते हुए इस नई राष्ट्रीय टीम का गठन बेहद अहम माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश, गुजरात, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मणिपुर और गोवा में आगामी महीनों में चुनाव होने हैं। पंजाब और हिमाचल को छोड़कर बाकी पांच राज्यों में वर्तमान में बीजेपी की सरकार है।
पार्टी का मुख्य लक्ष्य इन सभी सातों राज्यों में अपनी जीत का सिलसिला कायम रखना या सत्ता हासिल करना है। खासकर देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जीत की हैट्रिक लगाने की चुनौती भाजपा के सामने सबसे बड़ी है, क्योंकि दिल्ली की सत्ता का रास्ता यूपी से होकर ही गुजरता है।



