भारत में आध्यात्मिक वेलनेस एग्रो टूरिज्म का सबसे बड़ा विज़न, 3 वर्षों में 100 शहरों में 1000 बैकुंठ धाम फार्म विकसित करने का लक्ष्य

गाजियाबाद। तेजी से बढ़ते शहरी तनाव, प्रदूषण और प्रकृति से दूर होती जीवनशैली के बीच क्राउड फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा विकसित “बैकुंठ धाम एग्रो टूरिज्म” को देशव्यापी आध्यात्मिक वेलनेस एग्रो टूरिज्म अभियान के रूप में विस्तार देने की घोषणा की गई है। संस्था ने अगले 3 वर्षों में भारत के 100 शहरों में 1000 बैकुंठ धाम फार्म विकसित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।

यह परियोजना केवल रिजॉर्ट या फार्म हाउस मॉडल नहीं, बल्कि प्रकृति, अध्यात्म, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास आधारित एक नया मॉडल मानी जा रही है। संस्था के अनुसार नई पीढ़ी का प्रकृति और ग्रामीण संस्कृति से जुड़ाव लगातार कम होता जा रहा है। ऐसे में बैकुंठ धाम एग्रो टूरिज्म का उद्देश्य बच्चों, युवाओं और परिवारों को दोबारा प्रकृति, भारतीय संस्कृति, प्राकृतिक भोजन और मानसिक शांति से जोड़ना है।

परियोजना के अंतर्गत जैविक खेती, फल एवं सब्जी उद्यान, योग एवं ध्यान केंद्र, फार्म स्टे, सात्विक भोजनालय, डेयरी फार्मिंग, बर्ड पार्क तथा ग्रामीण पर्यटन जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। संस्था का कहना है कि यहाँ आने वाले लोग केवल घूमने नहीं, बल्कि प्रकृति आधारित जीवनशैली को महसूस करने आएंगे।

अरविंद कुमार सिंह ने कहा कि “बैकुंठ धाम एग्रो टूरिज्म केवल एक रिजॉर्ट नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को प्रकृति, अध्यात्म और स्वस्थ जीवनशैली से जोड़ने का राष्ट्रीय अभियान है।” उन्होंने कहा कि यह मॉडल किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने और भारत को आध्यात्मिक वेलनेस टूरिज्म का वैश्विक केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

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