सरकार ने अडानी को 1 रुपये सालाना की दर से 1,000 एकड़ ज़मीन दी; विपक्ष का हमला, क्या है मामला

विपक्ष ने बिहार सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार ने अडानी को 1 रुपये प्रति वर्ष की दर से 1,050 एकड़ भूमि दी है

Bhagalpur adani power plant: आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सरकार ने बिहार के Bhagalpur में उद्योगपति गौतम adani को मात्र 1 रुपये प्रति वर्ष की दर से 1,050 एकड़ ज़मीन दी है। सरकार ने किसानों को मुआवज़ा देकर यह ज़मीन अपने कब्ज़े में ले ली और अब इस ज़मीन को अडानी के प्रोजेक्ट के लिए पट्टे पर दे दिया है। आप सांसद संजय सिंह ने दावा किया है कि जिस ज़मीन को बंजर बताया जा रहा है, उसमें लगभग 10 लाख पेड़ हैं, जिन्हें अब अडानी की कंपनी काटने जा रही है।

सोशल मीडिया पर इसे लेकर बहुत चर्चा हो रही है। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि भागलपुर में 800 मेगावाट के 3 plant लगाने के लिए अडानी को 1,000 एकड़ ज़मीन 1 रुपये प्रति वर्ष की दर से दी गई है।

Bhagalpur  में लगने वाले adani power plant से बनने वाली बिजली अगले 25 सालों तक सरकार से 7 रुपये प्रति वर्ष की दर से खरीदी जाएगी। ये भी पता नहीं कि लोगों को यह बिजली 11 रुपये में मिलेगी या 12 रुपये में। लोगों की जेब से पैसा कटेगा, लेकिन प्रधानमंत्री अपने दोस्त को कोई तकलीफ नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि मोदी देश के प्रधानमंत्री नहीं बल्कि अडानी के प्रधानमंत्री हैं।

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बिहार की जेडीयू सरकार ने 2012-13 के दौरान भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की थी। उस समय किसानों को मुआवज़ा देकर ज़मीन का अधिग्रहण किया गया था। यानी यह लेन-देन जनता के पैसे से हुआ था। उसके बाद आम आदमी पार्टी ने भी कहा कि यही ज़मीन अडानी को 30 साल के लिए 1 रुपये की दर से दी गई है। उसने झूठा दावा किया कि ये ज़मीन कागज़ों में बंजर है। इस ज़मीन पर 10 लाख से ज़्यादा पेड़ हैं। वहाँ आम जैसे पेड़ हैं। लेकिन अब आप पार्टी ने भी आरोप लगाया है कि पावर प्लांट के लिए 10 लाख पेड़ काटे जा रहे हैं।

इस बीच भाजपा ने पहले ‘एक पेड़ माँ के लिए’ नाम से एक अभियान चलाया था। अब किसानों की ज़मीन का दाम एक रुपये कर दिया गया है। किसानों को धमकाकर उनसे ज़मीन के दस्तावेज़ बनवाए गए। उसके बाद अब यह ज़मीन अडानी को दे दी गई है। नरेंद्र मोदी अपने दोस्त के लिए बिहार को लूट रहे हैं। बिहार में सरकारी ज़मीन छीनी जा रही है। कोयले का खनन हो रहा है। पेड़ काटे जा रहे हैं। महाराष्ट्र में चुनाव से पहले पावर प्लांट प्रोजेक्ट और धारावी प्रोजेक्ट गौतम अडानी को दे दिए गए। इसी तरह, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि झारखंड और छत्तीसगढ़ में भी अडानी को कई प्रोजेक्ट मिले हैं।

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