Arunabh Sinha Success Story: ये शख्स कपड़े धोकर करोड़पति बन गया, जानें कैसे

Arunabh Sinha Success Story: अरुणाभ सिन्हा और उनकी पत्नी गुंजन तनेजा की मेहनत और सोच ने न केवल उनकी जिंदगी बदल दी, बल्कि लाखों भारतीयों के लिए एक नई सुविधा भी शुरू कर दी। झारखंड के छोटे से शहर से निकलकर इन्होंने एक ऐसा बिजनेस खड़ा किया, जो आज देशभर में पॉपुलर है। यह कहानी है ‘यूक्लीन’ के संस्थापक अरुणाभ सिन्हा की, जिन्होंने 2017 में अपनी पत्नी के साथ लॉन्ड्री और ड्राई क्लीनिंग के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया।
कड़ी मेहनत से सफलता की ओर
अरुणाभ का बचपन एक छोटे सरकारी क्वार्टर में बीता। उनके पिता सरकारी अस्पताल में असिस्टेंट थे और मां घर संभालती थीं। तीन भाई-बहनों में सबसे छोटे अरुणाभ को स्कूल जाने के लिए कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ता था, क्योंकि परिवहन के लिए पैसे नहीं होते थे। लेकिन उनकी मेहनत ने उन्हें आईआईटी मुंबई तक पहुंचाया, जहां से उन्होंने मेटलर्जी और मटीरियल साइंस में डिग्री ली। इसके बाद उन्हें टाटा स्टील और ZS एसोसिएट्स जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों से नौकरी के ऑफर मिले, लेकिन उन्होंने ZS एसोसिएट्स को चुना और पुणे में काम करना शुरू कर दिया।
व्यवसायिक दृष्टिकोण और चुनौती का सामना
अरुणाभ की व्यवसायी यात्रा 2011 में शुरू हुई जब उन्होंने ‘फ्रैंग्लोबल’ नामक कंसल्टिंग फर्म स्थापित की। इस फर्म का उद्देश्य विदेशी कंपनियों को भारत में अपना कारोबार स्थापित करने में मदद करना था। निवेशक गौरव मार्या ने उनकी फर्म में 50 लाख रुपये का निवेश किया। हालांकि, 2015 में उन्होंने इसे फ्रैंचाइज़ इंडिया को बेच दिया, और इस बीच उनके जीवन में एक और बड़ा मोड़ आया।
एक अलग सोच और बड़ा अवसर
2015 में अरुणाभ की शादी गुंजन तनेजा से हुई, और उन्होंने ‘ट्रीबो’ नामक बजट होटल चेन में काम करना शुरू किया। यहां काम करते हुए अरुणाभ ने एक दिलचस्प समस्या देखी। होटल के ग्राहक गंदे तौलिए, चादरें और पर्दों से परेशान थे। इसे देखकर उन्हें एहसास हुआ कि लॉन्ड्री सेवाओं में एक बड़ा अवसर छिपा हुआ है। यह क्षेत्र लगभग पूरी तरह से अनऑर्गनाइज्ड था और पारंपरिक लॉन्ड्री कामकाजी तरीकों पर निर्भर था। अरुणाभ ने सोचा कि इसे एक पेशेवर सर्विस में बदलने का समय आ गया है।
‘यूक्लीन’ की शुरुआत: कठिन रास्ते पर पहला कदम
सिन्हा (Arunabh Sinha) ने 2016 में ट्रीबो को छोड़ दिया और 2017 में अपनी पत्नी गुंजन के साथ मिलकर ‘यूक्लीन’ की शुरुआत की। शुरुआत में उन्हें निवेश जुटाने में मुश्किलें आईं और 50 से अधिक निवेशकों से संपर्क करने के बावजूद कोई भी जोखिम लेने को तैयार नहीं था। लेकिन फिर एक दिन उनकी मुलाकात एक ऐसे निवेशक से हुई, जिसके पास दिल्ली और गुरुग्राम में पारंपरिक ड्राई क्लीनिंग स्टोर थे। इस निवेशक ने उन्हें वसंत कुंज और सुशांत लोक में अपने दो स्टोर किराए पर दे दिए और 25 लाख रुपये का निवेश किया। इसके साथ ही जरूरी मशीनरी भी मुहैया करवाई।
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स्मार्ट सर्विस और बढ़ते ग्राहक
यूक्लीन (success story of uclean laundry) ने फिर एक नया बिजनेस मॉडल अपनाया। उन्होंने फ्रैंचाइज़ सिस्टम के जरिए अपनी सर्विस का विस्तार किया। कस्टमर अब यूक्लीन की वेबसाइट और ऐप के माध्यम से अपनी पसंद के समय पर कपड़े उठवाने और डिलीवरी की सुविधा का लाभ उठा सकते हैं। 24 घंटे के अंदर धुले और इस्त्री किए हुए कपड़े ग्राहक के पास पहुंच जाते हैं।



