जनसेवा की व्यापक पहल के लिए अरबिंद कुमार सिंह को मिला राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार

अन्न सेवा से शिक्षा, आर्थिक जागरूकता, किसान हित और ग्रामीण विकास तक समाजसेवा को दे रहे व्यापक स्वरूप

गाजियाबाद। जरूरतमंदों तक भोजन पहुंचाने से लेकर बच्चों की शिक्षा, आर्थिक जागरूकता, किसान हित, गौ सेवा, मंदिर संरक्षण और ग्रामीण विकास तक समाजसेवा को व्यापक स्वरूप देने की दिशा में कार्य कर रहे क्राउड फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के न्यासी अरबिंद कुमार सिंह को राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। उन्होंने इस सम्मान को समाजसेवा और जनकल्याण के प्रति अपनी निरंतर प्रतिबद्धता का सम्मान बताया।

अरबिंद कुमार सिंह का कहना है कि समाजसेवा केवल तत्काल सहायता पहुंचाने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि लोगों को शिक्षा, रोजगार, आर्थिक समझ और आत्मनिर्भरता के अवसरों से जोड़ना भी आवश्यक है। इसी सोच के साथ क्राउड फाउंडेशन चैरिटेबल ट्रस्ट विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों को आगे बढ़ाने की दिशा में कार्य कर रहा है।

‘कोई भूखा न सोए’ का संकल्प

ट्रस्ट की प्रमुख पहल नारायण अन्न सेवा है, जिसका मूल संकल्प ‘कोई भूखा न सोए’ है। इसके माध्यम से जरूरतमंद लोगों तक नियमित भोजन पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, अस्पतालों के आसपास, मंदिरों, बाजारों और जरूरतमंद बस्तियों तक अन्न सेवा का विस्तार करने की परिकल्पना की गई है। ‘11 रुपये में एक भोजन’ का संदेश आम लोगों को भी इस सेवा अभियान से जोड़ने का माध्यम बनाया गया है।

इसके साथ ही लागत मूल्य कार्यक्रम के माध्यम से दैनिक उपयोग की खाद्य एवं सब्जी सामग्री उचित लागत पर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जा रही है। पूर्व आदेश और सदस्यता आधारित व्यवस्था के जरिए अनावश्यक भंडारण एवं खाद्य अपव्यय को कम करने तथा किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

शिक्षा को हर बच्चे तक पहुंचाने का लक्ष्य

ट्रस्ट की ‘एक रुपया विद्यालय’ योजना का उद्देश्य आर्थिक कठिनाइयों के कारण शिक्षा से वंचित बच्चों को शैक्षणिक सहयोग उपलब्ध कराना है। अध्ययन सामग्री, शिक्षा संबंधी सहायता और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के साथ अधिक से अधिक लोगों को शिक्षा सेवा से जोड़ने की पहल की जा रही है।

ट्रस्ट का उद्देश्य है कि हर बच्चे को शिक्षा और हर परिवार को अवसर मिले। इसी सोच के साथ शिक्षा को सामाजिक भागीदारी से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

आर्थिक जागरूकता पर भी जोर

शिक्षा के साथ आर्थिक समझ को भी आवश्यक मानते हुए वित्तीय शिक्षा कार्यक्रम की अवधारणा पर कार्य किया जा रहा है। इसके माध्यम से बच्चों, युवाओं और परिवारों को बचत, घरेलू बजट, बैंकिंग, डिजिटल भुगतान में सावधानी, ऋण, बीमा और आर्थिक अनुशासन जैसे विषयों के प्रति जागरूक करने का प्रयास है।

कृषि और ग्रामीण विकास को बढ़ावा

बैकुंठ धाम कृषि पर्यटन परियोजना के माध्यम से कृषि, ग्रामीण जीवन और पर्यटन को जोड़ने की परिकल्पना की गई है। इसका उद्देश्य किसानों और ग्रामीण समुदायों के लिए अतिरिक्त आय एवं रोजगार के अवसर विकसित करना तथा शहरी परिवारों और युवाओं को गांव एवं कृषि से जोड़ना है।

वहीं नारायण गौ धाम के माध्यम से गौ सेवा एवं संरक्षण को ग्रामीण विकास से जोड़ने की दिशा में पहल की जा रही है। पशु देखभाल, चारा प्रबंधन, जैविक खाद, प्राकृतिक कृषि और ग्रामीण रोजगार जैसी गतिविधियों को इससे जोड़कर ग्रामीण आत्मनिर्भरता का मॉडल विकसित करने की योजना है।

सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की पहल

ट्रस्ट की गतिविधियों में पुराने मंदिरों के संरक्षण और जीर्णोद्धार को भी महत्व दिया जा रहा है। मंदिरों को भारतीय संस्कृति, इतिहास और सामाजिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हुए धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।

राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार मिलने पर अरबिंद कुमार सिंह ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए व्यक्तिगत उपलब्धि मात्र नहीं है, बल्कि समाजसेवा और जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को मिले प्रोत्साहन के रूप में है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि सेवा कार्यों को और व्यापक बनाकर अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाया जाए।

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