अभी अपनाएं ये 6 आदतें, 50 में भी दिखेंगे जवान! डॉक्टर ने बताया Anti-Aging का राज

Anti Aging Tips Hindi: उम्र का बढ़ना एक स्वाभाविक जैविक प्रक्रिया है, जिसके साथ चेहरे की बनावट में बदलाव, मांसपेशियों में खिंचाव की कमी और पाचन या नींद से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियां सामने आने लगती हैं। हालांकि, इसका यह मतलब बिल्कुल नहीं कि इन परिवर्तनों को धीमा नहीं किया जा सकता।

दीर्घायु और निरोगी जीवन की नींव किसी महंगे इलाज में नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की छोटी-छोटी आदतों में छिपी होती है। प्रख्यात चिकित्सक डॉ. सौरभ सेठी ने ऐसी 6 बुनियादी आदतों का खुलासा किया है, जिन्हें अपनाकर कोई भी व्यक्ति लंबे समय तक ऊर्जावान और युवा बना रह सकता है।

उनका मानना है कि यदि लोग इन बातों को 20 वर्ष की आयु से ही अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना लें, तो बुढ़ापे के लक्षणों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।

मीठे की मात्रा सीमित कर हर्बल विकल्पों को अपनाएं

अत्यधिक चीनी का सेवन त्वचा में एजिंग की गति को तेज करने के साथ-साथ शरीर में इन्फ्लेमेशन पैदा करता है। यदि आपको दिनभर में अत्यधिक मीठी चाय, कोल्ड ड्रिंक्स या शरबत पीने की आदत है, तो इसे तुरंत चरणबद्ध तरीके से कम करने की आवश्यकता है। एक साथ सब कुछ छोड़ने के बजाय साधारण चाय की जगह हर्बल टी या बिना चीनी वाले प्राकृतिक पेय पदार्थों से शुरुआत करना आसान और टिकाऊ उपाय है।

गट हेल्थ को मजबूत रखकर पूरे शरीर को बनाएं निरोगी

शरीर के संपूर्ण स्वास्थ्य और रोग प्रतिरोधक क्षमता का सीधा संबंध पाचन तंत्र से होता है। पेट के माइक्रोबायोम को संतुलित रखने के लिए दैनिक आहार में प्रोबायोटिक्स से भरपूर दही का सेवन अवश्य करना चाहिए। इसके अलावा मौसमी फल, हरी पत्तेदार सब्जियां और उच्च फाइबर युक्त खाद्य पदार्थों को प्लेट का मुख्य हिस्सा बनाएं। जितना सात्विक और संतुलित घर का खाना होगा, पाचन क्रिया उतनी ही सुचारू रहेगी।

सोने से पहले 3 मिनट का ब्रीदिंग अभ्यास भगाएगा तनाव

मानसिक तनाव का सीधा नकारात्मक असर त्वचा, कोशिकाओं और दिल की सेहत पर पड़ता है। क्रोनिक स्ट्रेस शरीर को भीतर से कमजोर कर समय से पहले बूढ़ा बना देता है। मानसिक शांति और मस्तिष्क को विश्राम देने के लिए डॉ. सेठी रात में बिस्तर पर जाने से ठीक पहले कम से कम तीन मिनट तक गहरी और धीमी सांस लेने (डीप ब्रीदिंग) की सलाह देते हैं। यह साधारण क्रिया तंत्रिका तंत्र को शांत कर तनाव हार्मोन कोर्टिसोल को नियंत्रित करती है।

7 से 9 घंटे की गहरी नींद से कोई समझौता न करें

कामकाज और आधुनिक व्यस्तताओं के चलते लोग सबसे पहले अपनी नींद की बलि चढ़ाते हैं, जो शरीर की रिपेयरिंग प्रक्रिया को पूरी तरह बाधित करता है। विशेषज्ञ के अनुसार हर व्यक्ति को रोजाना 7 से 9 घंटे की गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध नींद जरूर लेनी चाहिए। इसके लिए सोने और जागने का एक निश्चित समय तय करना और देर रात तक स्क्रीन देखने की आदत से परहेज करना अनिवार्य है।

हफ्ते में दो दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मांसपेशियों को रखें मजबूत

उम्र ढलने के साथ मांसपेशियों के घनत्व में प्राकृतिक रूप से कमी आने लगती है, जिससे कमजोरी और थकान महसूस होती है। कम उम्र से ही शरीर को मजबूत बनाए रखने के लिए रोजाना भारी वजन उठाने की बाध्यता नहीं है। हफ्ते में मात्र दो दिन अपने ही शरीर के वजन से किए जाने वाले बुनियादी व्यायाम जैसे स्क्वैट्स और पुश-अप्स करके भी मांसपेशियों को सक्रिय और सुदृढ़ रखा जा सकता है।

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डाइट में शामिल करें अखरोट, चिया और अलसी जैसे गुड फैट्स

सभी प्रकार की वसा शरीर के लिए नुकसानदेह नहीं होती, बल्कि कुछ आवश्यक वसा अम्ल कोशिकाओं के निर्माण और मस्तिष्क की सक्रियता के लिए अनिवार्य होते हैं। शरीर की कोशिकाओं को स्वस्थ बनाए रखने के लिए डाइट में अखरोट, अलसी के बीज और चिया सीड्स जैसे ओमेगा रिच स्रोतों को शामिल करें। यदि आप मांसाहारी भोजन पसंद करते हैं, तो फैटी फिश भी हेल्दी फैट्स की दैनिक जरूरत पूरी करने का एक बेहतरीन माध्यम है।

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