पीएसी चौक की सरकारी जमीन पर कब्जे और मार्केट निर्माण का आरोप, मुख्यमंत्री से उच्चस्तरीय जांच की मांग

गाजियाबाद। केला भट्टा क्षेत्र स्थित पीएसी चौक पर सरकारी संपत्ति पर कथित कब्जे और वहां मार्केट निर्माण किए जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। वार्ड नंबर 93 के पार्षद पति आरिफ मलिक ने मुख्यमंत्री को शिकायत पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

आरिफ मलिक के अनुसार, पीएसी चौक पर जिस स्थान पर पूर्व में पीएसी कैंप हुआ करता था, वह सरकारी संपत्ति है। उनका आरोप है कि इस भूमि पर कुछ लोगों द्वारा कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है और वहां मार्केट निर्माण का कार्य भी शुरू किया गया है। उन्होंने दावा किया कि कुछ लोग तथा वर्तमान और पूर्व पार्षद सरकारी संपत्ति का निजी हित में इस्तेमाल करने और उसे बेचने का प्रयास कर रहे हैं। इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि संबंधित सरकारी विभागों के अभिलेखों की जांच कर यह स्पष्ट कराया जाए कि पीएसी चौक स्थित भूमि का वास्तविक स्वामित्व किस विभाग के पास है और वहां निर्माण अथवा व्यावसायिक गतिविधि की अनुमति किस स्तर से दी गई है।

आरिफ मलिक ने कहा कि यदि सरकारी भूमि पर बिना अनुमति निर्माण या कब्जा किया जा रहा है तो प्रशासन को तत्काल मौके का निरीक्षण कर निर्माण की वैधता की जांच करनी चाहिए। साथ ही भूमि की पैमाइश कर राजस्व अभिलेखों का सत्यापन कराया जाना चाहिए।

उन्होंने मांग की कि जांच में यदि किसी व्यक्ति, जनप्रतिनिधि, पूर्व जनप्रतिनिधि या अन्य संबंधित व्यक्ति की भूमिका सरकारी भूमि पर कब्जे, अवैध निर्माण या उसे निजी तौर पर बेचने के प्रयास में सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

आरिफ मलिक ने प्रशासन से यह भी अपील की कि भूमि के स्वामित्व और निर्माण की वैधता स्पष्ट होने तक मौके पर नए निर्माण अथवा व्यावसायिक गतिविधियों को आगे बढ़ने से रोका जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी संपत्ति की सुरक्षा जनहित से जुड़ा विषय है और मामले की निष्पक्ष जांच से वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए।

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