6 साल की समारा की एक शिकायत और बन गई सड़क, डीएम साहब ने गिफ्ट की साइकिल

सुजीत कुमार मऊ। कहते हैं कि अगर इरादे साफ हों और सही जगह बात पहुंचे, तो समस्या कितनी भी बड़ी क्यों न हो उसका समाधान होकर ही रहता है। ऐसा ही कुछ कर दिखाया है मऊ की रहने वाली महज 6 साल की मासूम छात्रा समारा नाज ने। समारा की एक छोटी सी शिकायत पर जिला प्रशासन इतनी तेजी से हरकत में आया कि देखते ही देखते भटकुला पट्टी की जर्जर राह अब एक पक्की और चमचमाती सड़क में बदल गई है।
जनसुनवाई में छोटी सी बच्ची ने बयां किया था दर्द
नगर पालिका परिषद मऊ के वार्ड नंबर-17 (भटकुला पट्टी) की रहने वाली समारा नाज को रोजाना स्कूल आते-जाते समय टूटे-फूटे रास्ते से गुजरना पड़ता था। इस परेशानी से तंग आकर वह अपनी शिकायत लेकर सीधे जिलाधिकारी के पास जनसुनवाई में पहुंच गई थी। डीएम साहब ने भी मासूम की बात को सिर्फ सुना ही नहीं, बल्कि उस पर तुरंत एक्शन लेने के निर्देश दे दिए। देखते ही देखते संबंधित विभाग ने तेजी से काम शुरू किया और सड़क का निर्माण पूरा करवा दिया।
सड़क बनते ही निरीक्षण करने खुद पहुंचे डीएम
सड़क का काम पूरा होते ही जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन खुद भटकुला पट्टी पहुंचे और नवनिर्मित रास्ते का जायजा लिया। उन्होंने सड़क की क्वालिटी की बारीकी से जांच की और अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मांगी। इतना ही नहीं, डीएम ने अधिशासी अधिकारी को निर्देश दिया कि आसपास की बाकी गलियों का भी सर्वे कराया जाए, ताकि जहां भी जरूरत हो, तुरंत काम शुरू कराया जा सके।
समारा को मिली साइकिल और चॉकलेट
निरीक्षण खत्म करने के बाद जिलाधिकारी समारा नाज से मिलने पहुंचे। उन्होंने न सिर्फ समारा की हिम्मत की तारीफ की, बल्कि उसे एक सुंदर सी साइकिल और चॉकलेट्स भी गिफ्ट में दीं। अपने घर के सामने नई सड़क देखकर और डीएम साहब से इतना प्यारा तोहफा पाकर समारा और उसका पूरा परिवार खुशी से झूम उठा।
स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन की इस कार्य की जमकर तारीफ की। उनका कहना है कि पहली बार किसी छोटी सी बच्ची की शिकायत को इतनी गंभीरता से लेकर इतनी जल्दी काम पूरा कराया गया है। जिलाधिकारी ने साफ कहा कि आम लोगों की दिक्कतों को समय पर दूर करना और मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना ही प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।



