लखनऊ कोर्ट के बाहर गरजा बाबा का बुलडोजर! 250 वकील चैंबरों पर चला पीला पंजा, बुलडोजर पर चढ़े अधिवक्ता!

Lucknow court advocate chambers demolition: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित जिला न्यायालय के बाहर रविवार सुबह नगर निगम की बड़ी कार्रवाई से हड़कंप मच गया। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सख्त आदेश के अनुपालन में नगर निगम की टीम ने भारी पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों की मौजूदगी में फुटपाथों तथा सार्वजनिक स्थानों पर बने अवैध अधिवक्ता चैंबरों के ध्वस्तीकरण का काम शुरू कर दिया।

अभियान के दौरान करीब 250 चैंबरों को हटाने की प्रक्रिया जारी है, जिस पर प्रशासन ने पहले ही नोटिस जारी कर लाल निशान लगा दिए थे। नगर निगम ने मौके पर 10 बुलडोजर और मलबा हटाने के लिए 10 हाइवा तैनात किए हैं। कार्रवाई शुरू होते ही बड़ी संख्या में वकील सड़कों पर उतर आए और बुलडोजर के आगे खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। कुछ अधिवक्ता बुलडोजर पर चढ़ गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर बैठ गए, जिससे इलाके में भारी तनाव की स्थिति पैदा हो गई।

ध्वस्तीकरण का कड़ा विरोध कर रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि उन्होंने अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई खर्च कर इन चैंबरों का निर्माण कराया था। अनिल तिवारी, घनश्याम सिंह और देवेंद्र गर्ग समेत प्रदर्शनकारी वकीलों का आरोप है कि प्रशासन ने उनके लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था किए बिना ही एकतरफा कार्रवाई शुरू कर दी, जिससे उनकी आजीविका और न्यायिक कामकाज बुरी तरह ठप हो जाएगा।

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कई महिला अधिवक्ता आईं भावुक नजर

मौके पर मौजूद कई महिला अधिवक्ता अपनी रोजी-रोटी छिनने की चिंता में भावुक नजर आईं। आक्रोशित वकीलों ने इसे कानूनी पेशे पर कुठाराघात बताते हुए साफ कहा कि बिना विकल्प दिए चैंबर हटाना अन्यायपूर्ण है और वे इसका राजनीतिक जवाब आगामी 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में देंगे। वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट रुख है कि यह अभियान सीधे हाईकोर्ट के आदेश पर सार्वजनिक रास्तों व फुटपाथों को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए चलाया जा रहा है, ताकि आम जनता और यातायात में कोई बाधा न आए।

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