पत्नी के कथित अपहरण मामले में दो साल से न्याय की गुहार लगा रहा मुकेश, एफआईआर दर्ज न होने का आरोप
बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित पिता ने पुलिस अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग

गाजियाबाद। पत्नी के कथित अपहरण और बच्चों की सुरक्षा को लेकर मुकेश ने पुलिस प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। मुकेश का आरोप है कि वह पिछले दो वर्षों से अपनी शिकायत पर एफआईआर दर्ज कराने और उचित कार्रवाई की मांग को लेकर विभिन्न पुलिस अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगा रहा है, लेकिन अब तक उसकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है।
मुकेश के मुताबिक, उसने सबसे पहले गुलधर पुलिस चौकी पहुंचकर अपनी शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया था। आरोप है कि वहां उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने पुलिस कमिश्नर से न्याय की मांग की। मुकेश का कहना है कि उसे एसीपी जियागुदीन के पास भेजा गया, जहां से निर्देश मिलने के बाद वह नंदग्राम थाने के एसएचओ संतोष कुमार त्रिपाठी से मिला। आरोप है कि वहां से उसे दोबारा गुलधर चौकी भेज दिया गया, लेकिन इसके बावजूद उसकी शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
मुकेश ने अपनी पत्नी के कथित अपहरण के बाद बच्चों को भी निशाना बनाए जाने की आशंका जताई है। उसका आरोप है कि बच्चों के अपहरण के बार-बार प्रयास किए गए हैं। इस कारण वह उनकी सुरक्षा को लेकर लगातार चिंतित है। मुकेश का कहना है कि लंबे समय से न्याय की उम्मीद में अधिकारियों के चक्कर लगाने के बावजूद उसे राहत नहीं मिल पाई है।
मुकेश ने पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि उसकी शिकायत पर नियमानुसार एफआईआर दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, उसकी पत्नी का पता लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
मुकेश ने सवाल उठाया कि आखिर एक व्यक्ति को अपनी शिकायत पर कार्रवाई के लिए कितने समय तक अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ेंगे। उसने मामले में जवाबदेही तय करने और न्याय दिलाने की अपील की है। मुकेश ने इस मामले को लेकर 13 अक्टूबर 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की घोषणा भी की थी।
नोट: मामले में लगाए गए आरोप मुकेश के बयान पर आधारित हैं। पुलिस का पक्ष और शिकायत पर हुई कार्रवाई की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।



