15 मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पहुंचे सैकड़ों किसान, सम्मान निधि 12 हजार और गन्ने का भाव 700 रुपये करने की मांग

गाजियाबाद। भारतीय किसान संघ के बैनर तले बुधवार को सैकड़ों किसानों ने 15 सूत्रीय मांगों को लेकर जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। किसानों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों के जल्द समाधान की मांग उठाई। प्रदर्शन के बाद किसानों के प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट सतीश चंद्र त्रिपाठी को ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शन में मेरठ प्रांत प्रमुख योगिता त्यागी, सठेली के धर्मदत्त त्यागी, संगीता ठाकुर समेत बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। किसानों ने प्रशासन से मांगों का समयबद्ध तरीके से समाधान कराने की अपील की।

सम्मान निधि बढ़ाकर 12 हजार करने की मांग

ज्ञापन में किसानों ने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि छह हजार रुपये से बढ़ाकर 12 हजार रुपये सालाना करने की मांग की। इसके अलावा गन्ने का समर्थन मूल्य 700 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई। किसानों ने ग्रामीण भूमि के सर्किल रेट में हर साल होने वाली बढ़ोतरी पर रोक लगाने की मांग की।

किसानों ने सरकारी और निजी परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों को समान लाभ देने की मांग की। प्रत्येक प्रभावित परिवार के लिए परियोजना शुरू होने के साथ ही रोजगार की व्यवस्था करने और उचित सर्किल रेट के आधार पर मुआवजा देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही।

बिल्डर परियोजनाओं में प्लॉट देने की मांग

किसानों ने निजी बिल्डरों की कॉलोनियों में प्रभावित किसानों को आवासीय और व्यावसायिक प्लॉट उपलब्ध कराने की मांग की। वेव सिटी बिल्डर के साथ हुए समझौतों और मौखिक वादों को लागू कराने के साथ वेव सिटी और इंटीग्रेटेड टाउनशिप में शामिल ग्रामीण आबादी का विकास कराने की मांग भी रखी गई।

इसके अलावा ग्रामीण आबादी का लाल डोरा किसानों की सहमति से निर्धारित करने, वित्तीय समझौतों के पालन के लिए अधिकारी नियुक्त करने और लैंड पूलिंग में किसानों की सहमति की सीमा 60 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत करने की मांग की गई।

बिजली, आवारा पशुओं और गांवों में सुविधाओं का मुद्दा

किसानों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली की समस्या दूर करने, आवारा पशुओं की व्यवस्था करने और प्रत्येक गांव में खेल मैदान व पुस्तकालय उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। किसानों ने कहा कि उनकी मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को समस्याओं से राहत मिल सके। प्रदर्शन के बाद प्रतिनिधिमंडल ने सिटी मजिस्ट्रेट से मांगों पर आवश्यक कार्रवाई का अनुरोध किया

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