Monsoon Alert: जाते-जाते मानसून ने बढ़ाई टेंशन, इन राज्यों में आंधी-बिजली के साथ होगी झमाझम बारिश

देश के कई हिस्सों से विदाई की ओर बढ़ रहे मानसून ने एक बार फिर विकराल रूप धारण कर लिया है, जिसके चलते मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किए हैं।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उसके समीपवर्ती तटीय क्षेत्रों के ऊपर एक सुस्पष्ट कम दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) सक्रिय हो चुका है।
इस मानसूनी तंत्र के असर से 10 और 11 सितंबर को ओडिशा और छत्तीसगढ़ के कई इलाकों में बादलों की भीषण गर्जना के साथ अत्यधिक भारी बारिश होने की प्रबल आशंका है। इसी वेदर सिस्टम के प्रभाव से पश्चिम बंगाल के गंगा मैदानी भागों और तटीय आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो चुका है, जबकि 10 से 12 सितंबर के दौरान पूर्वी मध्य प्रदेश और 12 से 14 सितंबर के मध्य पश्चिमी मध्य प्रदेश में झमाझम बारिश होने की पूरी संभावना जताई गई है।
उत्तर भारत में बिगड़ेगा मौसम: दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड में तेज बारिश
पहाड़ी और मैदानी राज्यों में पश्चिमी विक्षोभ और मानसूनी ट्रफ के आपसी मेल से मौसमी गतिविधियां तेजी से बदल रही हैं। उत्तराखंड में 11 से 14 सितंबर के बीच लगभग सभी जनपदों में तेज आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने और मूसलाधार वर्षा का पूर्वानुमान जारी किया गया है। इसके अलावा 10 से 13 सितंबर के दौरान उत्तराखंड के संवेदनशील पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है।
मैदानी भागों की बात करें तो 14 और 15 सितंबर को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब के अधिकांश हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश जनजीवन को प्रभावित कर सकती है। वहीं पूर्वी राजस्थान के विस्तृत भूभाग में 13 से 15 सितंबर के बीच भयंकर मेघगर्जन, वज्रपात और तेज बौछारों का अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि उत्तर पश्चिम भारत के शेष हिस्सों में भी रुक-रुक कर स्थानीय स्तर पर बारिश का सिलसिला बना रहेगा।
मध्य भारत पर सबसे तगड़ा असर: मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में मूसलाधार वर्षा
बंगाल की खाड़ी से आ रही नम हवाओं का सबसे व्यापक असर मध्य भारत के राज्यों में दिखाई देने वाला है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 से 14 सितंबर, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 11 से 14 सितंबर तक अधिकांश जिलों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने की तीव्र चेतावनी दी गई है।
छत्तीसगढ़ में 10 से 14 सितंबर के दौरान मौसम काफी आक्रामक रहेगा, जहां 10 और 11 सितंबर को बहुत भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है, जबकि 12 सितंबर को भी कई स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है। इसी क्रम में 12 सितंबर को पश्चिमी मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान है, वहीं 15 और 16 सितंबर के दौरान पश्चिमी व पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ के छिटपुट इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं।
पूर्वी भारत और द्वीपों में भी चेतावनी: बंगाल, बिहार, ओडिशा और झारखंड में अलर्ट
पूर्वी और पूर्वोत्तर से सटे राज्यों में भी अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज बेहद संवेदनशील बना रहेगा। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक 10 से 16 सितंबर के बीच अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में लगातार बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने का संकट मंडरा रहा है। गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 10 से 13 सितंबर तक भारी बारिश होगी, जबकि 14 से 16 सितंबर के दौरान कुछ स्थानों पर आंधी के साथ बौछारें गिरेंगी।
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इसके अतिरिक्त झारखंड और ओडिशा में 10 से 12 सितंबर के बीच तेज आंधी-पानी का दौर चलेगा, जो 13 से 16 सितंबर तक भी जारी रहने की संभावना है। पड़ोसी राज्य बिहार में भी 10 से 16 सितंबर तक लगातार तेज मानसूनी बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है, जिसको देखते हुए आपदा प्रबंधन टीमों को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।



