13 साल से लंबित समस्याओं पर फूटा निवासियों का गुस्सा, लिखित कार्ययोजना नहीं मिली तो जीडीए और पुलिस का रुख करने की चेतावनी

गाजियाबाद। राजनगर एक्सटेंशन स्थित मोती रेजीडेंसी फेज-1 के टावर ए, बी, सी और डी के निवासियों ने लंबे समय से चली आ रही समस्याओं को लेकर टेकमेन बिल्डर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। करीब 13 वर्षों से लंबित समस्याओं और कई बार किए गए विरोध प्रदर्शनों के बाद निवासियों ने सोसायटी के मुख्य द्वार पर एकत्र होकर बिल्डर को चौथा औपचारिक विरोध पत्र सौंपा।
निवासियों ने बिल्डर को तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए लिखित कार्ययोजना और मौके पर दिखाई देने वाली कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि वे नियमित रूप से मासिक अनुरक्षण शुल्क जमा कर रहे हैं, इसके बावजूद बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है। मांगें पूरी नहीं होने पर निवासियों ने दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ जीडीए, जिला प्रशासन, पुलिस सहित संबंधित विभागों में शिकायत करने की चेतावनी दी है।
बिजली और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नाराजगी
निवासियों ने बिजली कटौती, कम वोल्टेज और पुरानी डीजी मशीन को गंभीर समस्या बताते हुए विद्युत व्यवस्था की क्षमता की समीक्षा कराने तथा खराब और पुरानी डीजी मशीन को बदलने की मांग की। इसके अलावा चारों टावरों की लंबित विद्युत संबंधी शिकायतों का तत्काल निस्तारण करने पर जोर दिया गया।
निवासियों ने पूरे परिसर में लिफ्ट और विद्युत सुरक्षा का निरीक्षण कराने की भी मांग रखी। उनका कहना है कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही गंभीर साबित हो सकती है।
पानी की गुणवत्ता और सफाई भी बड़ा मुद्दा
विरोध पत्र में पेयजल की गुणवत्ता का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। निवासियों के अनुसार पानी का टीडीएस 450 से अधिक होने की स्थिति में अधिकृत प्रयोगशाला से नियमित जांच कराई जानी चाहिए तथा सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, योग्य एसटीपी एवं लिफ्ट संचालक नियुक्त करने, एक जवाबदेह वरिष्ठ अधिकारी का नाम सार्वजनिक करने और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की सूची लगाने की मांग की गई। परिसर में सफाई व्यवस्था, मच्छर नियंत्रण और आवारा कुत्तों की समस्या को भी विरोध पत्र में शामिल किया गया।
एओए गठन और पार्किंग व्यवस्था की मांग
निवासियों ने अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन के गठन एवं पंजीकरण के लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित करने की मांग की। इसके साथ ही स्वीकृत मानचित्र के अनुसार बच्चों के लिए खेल क्षेत्र विकसित करने और रजिस्ट्री में निर्धारित व्यवस्था के अनुसार खुले पार्किंग स्थलों का आवंटन करने की मांग भी उठाई गई।
बेसमेंट पार्किंग में पूर्ण सीसीटीवी निगरानी, अंधेरे स्थानों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था तथा टावर बी और डी के करीब 13 वर्षों से लंबित पूर्णता प्रमाण पत्र जारी कराने की मांग भी की गई।
निवासियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि तीन दिन के भीतर बिल्डर की ओर से ठोस और लिखित कार्ययोजना उपलब्ध नहीं कराई गई तथा जमीन पर कार्रवाई दिखाई नहीं दी, तो वे संबंधित दस्तावेजों के साथ जीडीए, जिला प्रशासन, पुलिस, विद्युत विभाग, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्वास्थ्य विभाग का रुख करेंगे। विरोध पत्र की एक प्रति पुलिस आयुक्त, गाजियाबाद को भी सौंपी गई है।



