गुरु की महिमा सर्वोपरि, शिक्षक ही सिखाता है जीवन जीने की कला : ओपी त्रिपाठी

मऊ। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, जनपद मऊ के तत्वावधान में शनिवार को आरएस पैलेस में गुरु वंदन एवं शैक्षिक उन्नयन संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के सैकड़ों शिक्षकों ने भाग लिया। मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद, लखनऊ के सचिव ओपी त्रिपाठी तथा विशिष्ट अतिथि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय रहे। कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर की। कंपोजिट स्कूल लिलारी भरौली की छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत किया।
वहीं परस बाबा इंटर कॉलेज, परदहा की छात्राओं ने भी अतिथियों का स्वागत किया। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए महासंघ के महामंत्री अरविंद कुमार आर्य ने कहा कि ‘गुरु वंदन’ राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के प्रमुख वार्षिक कार्यक्रमों में शामिल है। उन्होंने कहा कि संगठन प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक विद्यार्थियों को मूल्य आधारित शिक्षा देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। शिक्षकों का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि बच्चों में संस्कार और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि प्रयास है कि भारत पुनः विश्व गुरु के पद पर प्रतिष्ठित हो।
बीएसए संतोष कुमार उपाध्याय ने मुख्य अतिथि ओपी त्रिपाठी के मऊ में कार्यकाल के दिनों को याद किया। उन्होंने कहा कि मिशन पहचान कार्यक्रम के दौरान मऊ के प्रयासों की चर्चा परियोजना स्तर तक होती थी। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल सभी शिक्षकों का आभार जताया।
मुख्य अतिथि ओपी त्रिपाठी ने कहा कि गुरु की महिमा हमेशा सर्वोपरि रही है। आज तकनीकी युग में गूगल और अन्य प्लेटफॉर्म से सूचनाएं आसानी से मिल जाती हैं, लेकिन जीवन की चुनौतियों का सामना करने और जीवन जीने की कला शिक्षक ही अपने आचरण से सिखाता है। उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों में अनुशासन, सेवा भाव और कर्तव्यपरायणता विकसित करने का आह्वान किया।बइस दौरान जिले से इस वर्ष सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों को मुख्य अतिथियों ने सम्मानित किया।
जिला अध्यक्ष रुपेश पांडेय ने अतिथियों, शिक्षकों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और महासंघ के संरक्षक राजा आनंद ज्योति सिंह के प्रति आभार जताया। कार्यक्रम का संचालन राम सेवक ने किया। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र कुशवाहा, कोषाध्यक्ष राजेश गुप्त, सारिका सिंह, सुनीता पांडेय, नित्य प्रकाश यादव, सुनील यादव, ज्ञान प्रकाश मिश्र, अनुज पांडेय, आनंद सिंह, अरुण मौर्य, राहुल तिवारी, अशोक मिश्र, भारत भूषण सिंह, रिपुसूदन त्रिपाठी, शिवप्रसाद आर्य, नीलम देवी, अनिता रानी, रेनू मिश्रा, अनिता यादव, धनंजय सिंह, सैयद आफाक हुसैन, प्रदीप वर्मा, आलोक पांडेय, भूपेंद्र दीक्षित, मनोज राय सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।



