कजरी के सुरों और मेहंदी की खुशबू से सजा हरियाली तीज महोत्सव

शम्भु दयाल पीजी कॉलेज में लोकगीतों ने बांधा समां, मेहंदी प्रतियोगिता में छात्राओं ने दिखाई प्रतिभा

गाजियाबाद। शम्भु दयाल (पीजी) कॉलेज, गाजियाबाद में कजरी एवं हरियाली तीज महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लोकगीतों, कजरी और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने सावन की उमंग और भारतीय लोक परंपराओं की सुंदर झलक प्रस्तुत की।

कार्यक्रम में शास्त्रीय संगीत गायिका डॉ. नीतू दुबे ने प्रसिद्ध लोकगायिका शारदा सिन्हा के लोकप्रिय लोकगीतों की भावपूर्ण प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। प्रो. गीता पाण्डे ने ‘उत्तराखंड मेरी मातृभूमि’ कुमाऊंनी लोकगीत प्रस्तुत कर वातावरण को लोक रंग में रंग दिया। प्रो. जे.के. सरोहा ने अपनी प्रस्तुति के माध्यम से श्रावण मास के कोमल मनोभावों को लोकगीत के रूप में अभिव्यक्त किया।

छात्रा रश्मि ने ‘मन में बसाकर तेरी आरती’ लोकगीत प्रस्तुत किया। वहीं प्रो. रमाशंकर ने बुंदेलखंड की पारंपरिक लोकगायन शैली ‘आल्हा’ के स्वरूप और उससे जुड़ी लोकोक्तियों का उल्लेख करते हुए कार्यक्रम को और रोचक बना दिया।

इसी क्रम में डॉ. शैलेन्द्र अग्रवाल ने ‘राधे झूलन पधारौ, घिर आए बदरा’ की प्रस्तुति देकर सभी को ब्रज रस में सराबोर कर दिया। डॉ. पूनम सिंह ने डॉ. नीतू दुबे के साथ मिर्जापुरी कजरी ‘कइसे खेले जइबू सावन में कजरिया’ प्रस्तुत की। ननद-भाभी की नोंक-झोंक पर आधारित इस कजरी ने कार्यक्रम में स्नेह और उमंग का माहौल बना दिया।

कार्यक्रम के दौरान मेहंदी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें कुल 22 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। छात्राओं ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए हथेलियों पर आकर्षक एवं सुंदर मेहंदी डिजाइनों को उकेरा। प्रतियोगिता में सीमा ने प्रथम, निशा ने द्वितीय तथा साक्षी, इकरा सैफी और सना ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. मिति पांडे ने कहा कि विद्यार्थियों को विषयगत शिक्षा के साथ-साथ भारतीय त्योहारों और परंपराओं में समाहित जीवन के विविध रंगों से परिचित कराने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

समापन अवसर पर प्राचार्या प्रो. रोचना मित्तल ने मुख्य अतिथि डॉ. नीतू दुबे के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी शिक्षकों एवं विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की और विजेताओं को बधाई दी। उन्होंने डॉ. पूनम सिंह को लोकगीत की प्रस्तुति एवं प्रभावशाली मंच संचालन के लिए धन्यवाद दिया। कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और सहयोगियों का भी आभार व्यक्त किया।

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