सूख चुकी तुलसी में आ जाएगी नई जान; बस अपना लें ये 5 गार्डनिंग टिप्स, देखते ही देखते लहलहा उठेगा पौधा

Tulsi Plant Care Tips: यदि आपके भी घर का तुलसी का पौधा सूखने की कगार पर पहुंच गया है, तो सावन का पवित्र महीना इसकी देखभाल करने और इसे फिर से हरा-भरा बनाने के लिए सबसे बेहतरीन समय माना जाता है। बस आपको कुछ आसान से गार्डनिंग टिप्स अपनाने होंगे, जिससे आपकी तुलसी हमेशा लहलहाती रहेगी। आइए जानते हैं तुलसी के पौधे को हरा-भरा रखने के आसान और असरदार तरीके।

कब और कैसे करें तुलसी के पौधे की छटाई (प्रूनिंग)

यदि आप चाहते हैं कि आपके घर की तुलसी घनी और चौड़ी हो, तो इसकी समय पर प्रूनिंग या छटाई करना बहुत जरूरी है। इसके लिए पौधे के सबसे ऊपरी हिस्से से मुलायम और सॉफ्ट पत्तियों को अपनी उंगली से तोड़ लें। इसके अलावा पौधे पर जितनी भी सूखी, पीली या खराब पत्तियां दिखाई दें, उन्हें भी तुरंत तोड़कर अलग कर दें। ऐसा करने से पौधे का विकास तेजी से होता है और नई शाखाएं फूटने लगती हैं।

तुलसी से मंजरी को तुरंत हटाना क्यों है जरूरी

अक्सर बारिश के मौसम में तुलसी के पौधे पर मंजरी यानी बीज आने लगते हैं। यदि आप समय रहते इन मंजरी को नहीं हटाएंगे, तो पौधे की ग्रोथ पूरी तरह से रुक जाएगी क्योंकि पौधा अपनी सारी ऊर्जा और ताकत उन बीजों को विकसित करने में ही खर्च कर देता है। इसलिए जैसे ही पौधे में मंजरी नजर आए, उन्हें तुरंत कैंची या उंगली की मदद से काटकर हटा दें, ताकि पौधा घना और स्वस्थ बना रहे।

तुलसी के गमले में पानी डालने का सही तरीका

तुलसी के पौधे में हमेशा पानी भरा रहना उसकी सेहत के लिए बहुत नुकसानदायक होता है। ज्यादा पानी भरने से जड़ों तक ऑक्सीजन का संचार बंद हो जाता है और पौधा धीरे-धीरे अंदर से सूखने लगता है। पौधे की मिट्टी हमेशा हल्की नमी वाली होनी चाहिए, यानी न तो मिट्टी बहुत ज्यादा कीचड़ जैसी गीली हो और न ही पूरी तरह सूखी। खासकर बारिश के मौसम में यदि गमले में पानी जमा हो जाए, तो उसे तुरंत बाहर निकाल दें ताकि जड़ें सड़े नहीं।

मिट्टी की गुड़ाई और साफ-सफाई का रखें विशेष ध्यान

पौधे को हमेशा स्वस्थ और हरा-भरा बनाए रखने के लिए मिट्टी की सेहत अच्छी होना बहुत जरूरी है। समय-समय पर गमले की मिट्टी के आसपास उगी हुई अवांछित घास या छोटे खरपतवार और सूखी पत्तियों की अच्छी तरह से साफ-सफाई करें। इसके अलावा किसी खुरपी या छोटी चम्मच की मदद से मिट्टी की हल्की गुड़ाई जरूर करें। गुड़ाई करने से मिट्टी पोली होती है और पौधे की जड़ों तक पर्याप्त मात्रा में हवा का फ्लो बेहतर तरीके से पहुंचता है।

खाद, फर्टिलाइजर और धूप का सही तालमेल

पौधों की बेहतरीन ग्रोथ और ज्यादा हरियाली पाने के लिए मिट्टी की उपजाऊ शक्ति का बरकरार रहना बेहद जरूरी है, जिसके लिए समय पर खाद या ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर की आवश्यकता होती है। तुलसी के पौधे में हर 15 से 20 दिन या महीने में कम से कम एक बार अच्छी जैविक खाद का इस्तेमाल करें। इसके साथ ही पौधों के विकास के लिए धूप भी बहुत आवश्यक होती है।

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तुलसी के गमले को रोजाना कुछ घंटों के लिए ऐसी जगह पर रखें जहां हल्की और पर्याप्त धूप मिलती रहे, क्योंकि बहुत तेज और चुभती हुई धूप पौधे को झुलसा सकती है, जबकि हल्की धूप मिलने से पत्तियां मजबूत रहती हैं और उनमें फफूंद या कीड़े लगने का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

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