Kishore Kumar Throwback: जब इस सुपरस्टार ने पंगा लेकर बिगाड़ लिया था अपना करियर

Kishore Kumar Throwback: बॉलीवुड के लीजेंड्री सिंगर और एक्टर किशोर कुमार अपनी सुरीली आवाज और अनूठे अंदाज के लिए आज भी करोड़ों दिलों पर राज करते हैं। उनकी जिंदादिली और मस्ती भरे गानों पर आज की नई जनरेशन भी झूम उठती है। उनके गानों का जादू ऐसा था कि जो उनसे पंगा लेता था, उसे अपनी फिल्मी यात्रा में भारी कीमत चुकानी पड़ती थी। आइए जानते हैं 60 और 70 के दशक के एक ऐसे ही दिलचस्प किस्से के बारे में जब एक सुपरस्टार ने किशोर दा के साथ अनबन कर ली थी और बाद में उनका करियर धीरे-धीरे ढलान पर चला गया था।
राजेंद्र कुमार और किशोर दा के बीच क्या था वह बड़ा विवाद
जिस सुपरस्टार की हम बात कर रहे हैं, वह कोई और नहीं बल्कि 60 के दशक के बेताज बादशाह राजेंद्र कुमार थे, जिन्हें उस दौर में ‘जुबली कुमार’ के नाम से जाना जाता था। राजेंद्र कुमार की लगभग हर फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकबस्टर साबित होती थी और उनकी फिल्मों के गाने भी खूब धूम मचाते थे। उन दिनों राजेंद्र कुमार की फिल्मों में ज्यादातर गाने मोहम्मद रफी की आवाज में रिकॉर्ड किए जाते थे, लेकिन साल 1975 में आई फिल्म ‘सुनहरा संसार’ में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला, जिसका गाना ‘हैलो सुनो क्या हाल है’ किशोर कुमार और आशा भोसले ने अपनी आवाज में गाया था।
जब गाने को फिल्म से हटाए जाने पर आहत हुए थे किशोर कुमार
फिल्म ‘सुनहरा संसार’ के रिलीज होने के बाद राजेंद्र कुमार ने कथित तौर पर उस गाने को फिल्म से हटवा दिया था, जिसमें किशोर कुमार ने अपनी आवाज दी थी। इस वाकये से किशोर दा को काफी ठेस पहुंची थी और उन्होंने इसे अपनी पेशेवर प्रतिष्ठा के खिलाफ माना था। हालांकि, समय का पहिया घूमा और 70 के दशक के आते-आते हिंदी सिनेमा में किशोर कुमार का स्वर्णिम दौर शुरू हो गया। उस समय राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र और जितेंद्र जैसे बड़े सितारों की फिल्मों के सुपरहिट गानों की शान सिर्फ किशोर दा की आवाज हुआ करती थी।
करियर की गिरावट और किशोर कुमार का ऐतिहासिक सफर
वक्त ने ऐसा पलटा खाया कि एक समय पर किशोर दा के गाने हटाने वाले राजेंद्र कुमार को खुद अपनी फिल्मों के लिए किशोर कुमार के पास जाना पड़ा और उनसे गाने की गुजारिश करनी पड़ी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, किशोर कुमार ने उनके प्रस्ताव को सिरे से ठुकरा दिया, जिसके बाद राजेंद्र कुमार की फिल्मों और उनके गानों का जादू पहले जैसा नहीं चल सका और उनका फिल्मी करियर लड़खड़ा गया।
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बात करें किशोर कुमार के सफर की, तो उन्होंने साल 1948 में आई फिल्म ‘जिद्दी’ के गाने ‘मरने की दुआएं क्यों मांगू’ से अपने सिंगिंग करियर की शानदार शुरुआत की थी और इसके बाद ‘मेरे सपनों की रानी’, ‘ओ मेरे दिल के चैन’, ‘पल पल दिल के पास’ और ‘मेरे सामने वाली खिड़की में’ जैसे अमर गीत गाए।
सिर्फ बेहतरीन गायक ही नहीं, एक मंझे हुए अभिनेता भी थे किशोर दा
संगीत की दुनिया में अपनी जादुई आवाज का लोहा मनवाने वाले किशोर कुमार केवल एक बेहतरीन पार्श्व गायक ही नहीं, बल्कि एक उम्दा और नेचुरल अभिनेता भी थे। उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत साल 1946 में आई फिल्म ‘शिकारी’ से की थी। इसके बाद उन्होंने ‘चलती का नाम गाड़ी’ और ‘पड़ोसन’ जैसी आइकॉनिक और कॉमेडी से भरपूर फिल्मों में अपनी कमाल की एक्टिंग से दर्शकों को लोटपोट कर दिया और भारतीय सिनेमा के इतिहास में अमर हो गए।



