कपड़े, जूते और कारें सस्ती होंगी; ‘भारत-इंग्लैंड फ्री ट्रेड’ आज से शुरू, इसका फ़ायदा यहां जानें

India UK Trade Deal 2026: आज से यूनाइटेड किंगडम (UK) की कारें, व्हिस्की, कपड़े और जूते भारत में कम कीमत पर मिलेंगे। भारत और UK के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) आज से आधिकारिक तौर पर लागू हो गया है। इस समझौते के तहत, 99% भारतीय उत्पाद बिना किसी टैरिफ (शुल्क) के UK को निर्यात किए जाएंगे, जबकि UK का 99% सामान औसतन सिर्फ़ 3% टैरिफ पर भारत में आयात किया जाएगा।

उम्मीद है कि इस समझौते से दोनों देशों के बीच आपसी व्यापार 2030 तक दोगुना होकर 120 अरब डॉलर हो जाएगा। लगभग तीन साल तक चली बातचीत के 14 दौर के बाद, वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटिश व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की मौजूदगी में 24 जुलाई, 2025 को इस ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

साझेदारी के लिए एक ‘ऐतिहासिक पल’

इस व्यापार समझौते के लागू होने से पहले, भारत में UK की हाई कमिश्नर लिंडी कैमरन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर किया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा, “UK और भारत इस बात पर सहमत हुए हैं कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट 15 जुलाई से लागू होगा। यह आधुनिक UK-भारत साझेदारी के लिए एक ऐतिहासिक पल है। यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए विकास का एक नया दौर शुरू करेगा।”

भारत में कौन-कौन सा सामान सस्ता होगा?

UK से आयात होने वाले सामान पर औसत टैरिफ 15% से घटकर 3% हो जाएगा, और अगले 10 वर्षों में 85% सामान पूरी तरह से ड्यूटी-फ्री (शुल्क-मुक्त) हो जाएगा। नतीजतन, ये चीजें सस्ती हो जाएंगी-

व्हिस्की और जिन: UK से आयात होने वाली स्कॉच व्हिस्की और जिन पर भारत का टैरिफ 150% से घटाकर 75% कर दिया जाएगा। आखिरकार, समझौते के दसवें साल तक इसे घटाकर 40% कर दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, स्कॉच की जो बोतल अभी ₹5,000 की है, वह जल्द ही ₹3,500 में मिल सकती है।

लक्ज़री कारें: कोटा सिस्टम के तहत UK में बनी कारों (जैसे जगुआर लैंड रोवर और रोल्स-रॉयस) पर अभी लगने वाला 100% टैरिफ घटकर 10% हो जाएगा। इससे ये कारें 20% से 30% तक सस्ती हो सकती हैं। खाने-पीने की चीज़ें: UK से आयात होने वाली चीज़ें, जैसे सैल्मन मछली, मेमने का मांस, चॉकलेट, बिस्कुट और सॉफ्ट ड्रिंक्स, सस्ती हो जाएंगी।

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कॉस्मेटिक्स और मेडिकल डिवाइस: UK में बने कॉस्मेटिक्स, मेडिकल डिवाइस और एयरोस्पेस के पार्ट्स सस्ते हो जाएंगे। इन सामानों पर लगने वाला टैरिफ़ 15% से घटकर 3% हो जाएगा।

फ़ैशन और कपड़े: ब्रिटेन से आने वाले ब्रांडेड कपड़े, फ़ैशन प्रोडक्ट्स, घर का सामान, फ़र्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स भी कम कीमत पर मिलेंगे।

भारत के इन मुख्य सेक्टरों को बड़े फ़ायदे

1. टेक्सटाइल इंडस्ट्री: UK में भारतीय कपड़ों और होम टेक्सटाइल (जैसे बेडशीट और पर्दे) पर अभी लगने वाला 8–12% टैक्स पूरी तरह खत्म हो जाएगा। नतीजतन… भारतीय कपड़े सस्ते हो जाएंगे और बांग्लादेश और वियतनाम जैसे देशों के कपड़ों के मुकाबले ज़्यादा कॉम्पिटिटिव होंगे। तिरुपुर, सूरत और लुधियाना जैसे एक्सपोर्ट हब में अगले तीन सालों में 40% तक की ग्रोथ हो सकती है।

2. ज्वेलरी और लेदर का सामान: भारत से UK को एक्सपोर्ट की जाने वाली ज्वेलरी और लेदर प्रोडक्ट्स (जैसे बैग और जूते-चप्पल) पर अब कोई टैरिफ़ नहीं लगेगा। इससे MSME और लग्ज़री ब्रांड्स को सीधा फ़ायदा होगा, साथ ही UK के ज़रिए यूरोप में भारत का प्रभाव भी बढ़ेगा।

3. इंजीनियरिंग का सामान और ऑटो पार्ट्स: UK ने भारतीय मशीनरी, इंजीनियरिंग टूल्स और ऑटोमोटिव स्पेयर पार्ट्स पर आयात शुल्क (import duties) खत्म कर दिया है। इससे भारत, UK और यूरोप को जोड़ने वाली इंडस्ट्रियल सप्लाई चेन मज़बूत होगी, जिससे पुणे, चेन्नई और गुरुग्राम जैसे मैन्युफ़ैक्चरिंग हब को फ़ायदा होगा।

4. फ़ार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइस: UK में जेनेरिक दवाओं के लिए आसान रजिस्ट्रेशन प्रोसेस से भारतीय फ़ार्मा कंपनियों को फ़ायदा होगा। इससे भारतीय दवाओं की UK की नेशनल हेल्थ सर्विस (NHS) तक पहुँच आसान हो जाएगी और दवाओं को मंज़ूरी मिलने में तेज़ी आएगी।

5. खाने-पीने के सामान, चाय, मसाले और समुद्री उत्पाद: बासमती चावल, समुद्री उत्पाद (जैसे झींगा), प्रीमियम चाय और मसालों जैसी चीज़ों पर UK का आयात शुल्क खत्म हो जाएगा। इससे असम, गुजरात, केरल और पश्चिम बंगाल जैसे इलाकों में एक्सपोर्ट इंडस्ट्रीज़ को बड़ी बढ़त मिलेगी।

6. केमिकल्स और स्पेशल मटीरियल: एग्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक और स्पेशल केमिकल्स पर शुल्क कम होने से गुजरात और महाराष्ट्र के मुख्य हब से एक्सपोर्ट में तेज़ी आएगी। इस समझौते के ज़रिए, भारत का लक्ष्य 2030 तक UK को अपने केमिकल एक्सपोर्ट को दोगुना करना है।

7. ग्रीन एनर्जी और क्लीनटेक: इस समझौते में सोलर पावर, ग्रीन हाइड्रोजन और इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर शामिल हैं। इससे एनर्जी सेक्टर में जॉइंट वेंचर (साझा उपक्रम) का रास्ता खुलेगा। UK भारत के क्लीन एनर्जी सेक्टर में निवेश बढ़ाएगा, जिससे नई टेक्नोलॉजी का मिलकर विकास हो सकेगा।

 

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