पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में बरसाए बम, लेकिन मारे गए मासूम बच्चे! तालिबान का खून खौला

Pakistan Afg border tension 2026: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक बार फिर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। पाकिस्तान ने बीती रात अफगानिस्तान के कई इलाकों में हवाई हमले किए। पाकिस्तान का कहना है कि इन हमलों में पाकिस्तान तालिबान (TTP) के ठिकानों को निशाना बनाया गया और 29 लड़ाके मारे गए। दूसरी ओर अफगानिस्तान का दावा है कि इस कार्रवाई में 13 आम नागरिकों की जान गई। इनमें 11 बच्चे भी शामिल हैं। इस घटना के बाद दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और गहरा गया है।

नागरिकों की मौत ने बढ़ाई चिंता

जानकारी के अनुसार पाकिस्तान ने पकतिका, खोस्त और कुनार क्षेत्रों में बमबारी की। अफगानिस्तान का कहना है कि इन हमलों का सबसे बड़ा नुकसान आम लोगों को उठाना पड़ा। बच्चों समेत कई निर्दोष लोगों की मौत के बाद इस कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। सीमा के दोनों ओर रहने वाले लोगों में भी डर का माहौल बन गया है।

पाकिस्तान का दावा और बढ़ता विवाद

पाकिस्तान का कहना है कि उसने पाकिस्तान तालिबान के ठिकानों पर सटीक कार्रवाई की है। लेकिन अफगानिस्तान इस दावे को स्वीकार नहीं कर रहा। ऐसे में दोनों देशों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। पहले भी ऐसी घटनाओं के बाद रिश्तों में खटास बढ़ी है। इसलिए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में तनाव और बढ़ सकता है।

डूरंड लाइन का विवाद अब भी बना बड़ी वजह

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर वर्षों से मतभेद चले आ रहे हैं। दोनों देश इस सीमा को अलग-अलग नजरिए से देखते हैं। पाकिस्तान लगातार आरोप लगाता रहा है कि अफगान तालिबान की मौजूदगी और समर्थन के कारण पाकिस्तान तालिबान उसके खिलाफ हमले करता है। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान में पुलिसकर्मी भी हमलों का शिकार हुए हैं। 27 जून को कराची में हुए एक हमले में पाकिस्तान के चार जवान मारे गए थे।

तालिबान के सत्ता में आने के बाद भी नहीं सुधरे रिश्ते

साल 2021 में तालिबान के अफगानिस्तान की सत्ता संभालने के बाद उम्मीद की जा रही थी कि दोनों देशों के संबंध बेहतर होंगे। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। समय के साथ मतभेद और गहरे होते गए। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी कार्रवाई आतंकियों के खिलाफ थी। वहीं अफगानिस्तान का आरोप है कि इस हमले में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाया गया।

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गुरिल्ला रणनीति पाकिस्तान के लिए चुनौती बन सकती है

सैन्य ताकत और आधुनिक हथियारों के मामले में पाकिस्तान मजबूत माना जाता है। इसके बावजूद विशेषज्ञों का मानना है कि तालिबान की गुरिल्ला युद्ध क्षमता उसे अलग बढ़त देती है। पहाड़ी इलाकों की जानकारी और छापामार रणनीति का इस्तेमाल तालिबान लंबे समय से करता आया है। अमेरिका और नाटो के खिलाफ करीब 20 वर्षों तक उसने इसी तरीके से लड़ाई लड़ी थी। अगर दोनों पक्षों के बीच सीधा टकराव बढ़ता है तो पाकिस्तान को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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