गेहूं क्रय केंद्र का शुभारंभ, किसानों को MSP पर मिलेगा लाभ: ए.के. शर्मा

मऊ, 01 मई 2026। प्रदेश के ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने शुक्रवार को मऊ जनपद के राजेंद्र नगर (दरगाह) स्थित राजकीय गेहूं क्रय केंद्र का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उन्होंने दुवारी में बंद पड़े क्रय केंद्र को भी दोबारा शुरू कराया। इस पहल से क्षेत्र के किसानों को अपनी फसल बेचने में बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि हर किसान को उसकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और उसे अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि गेहूं क्रय केंद्रों के संचालन से किसानों को पारदर्शी और सरल व्यवस्था उपलब्ध हो रही है।
मंत्री ने कहा कि अब किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। वे सीधे सरकारी क्रय केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर अपनी उपज बेच सकेंगे, जिससे उनकी आय में वृद्धि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों के हित में लगातार नई योजनाएं चला रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।
उन्होंने आगे बताया कि इन क्रय केंद्रों के शुरू होने से आसपास के गांवों के किसानों को समय और पैसे दोनों की बचत होगी। पहले किसानों को दूर-दराज के बाजारों में जाकर अपनी फसल बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब उन्हें अपने ही क्षेत्र में बेहतर सुविधा मिल रही है। इससे न केवल उनकी लागत कम होगी बल्कि उन्हें भुगतान भी समय पर मिल सकेगा।
ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार की कोशिश है कि योजनाओं का लाभ हर किसान तक पहुंचे और किसी भी किसान को इससे वंचित न रहना पड़े।
कार्यक्रम में सभापति कांति मिश्रा सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहे। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय किसान और नागरिक भी उपस्थित रहे। किसानों ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उन्हें अपनी फसल बेचने में काफी सुविधा मिलेगी और उन्हें उचित मूल्य भी प्राप्त होगा।
कुल मिलाकर, मऊ में गेहूं क्रय केंद्रों का शुभारंभ किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो उनकी आय बढ़ाने और कृषि व्यवस्था को मजबूत करने में सहायक साबित होगा।



