Iran Israel War 2026: ईरान को हराना क्यों नामुमकिन, ये रही वो वजहें

Iran Israel War 2026: मध्य-पूर्व की राजनीति और सुरक्षा पर नजर रखने वाले विशेषज्ञों के लिए ईरान का एक गुप्त सैन्य ढांचा निरंतर चर्चा का विषय बना हुआ है। सवाल यह उठता है कि आखिर वो कौन-सी रणनीतिक तैयारी है जिसकी वजह से ईरान खुलकर अमेरिका और इजराइल जैसी शक्तियों के सामने खड़ा दिखाई देता है। इस आत्मविश्वास की बड़ी वजह है उसका विशाल अंडरग्राउंड मिसाइल नेटवर्क जिसे आम भाषा में “मिसाइल सिटी” कहा जाता है।
ईरान को हराना क्यों ना मुमकिन जैसा
सामान्य तौर पर जब भूमिगत सैन्य ठिकानों की बात होती है तो लोगों के दिमाग में छोटे बंकर या सीमित सुरंगें आती हैं। मगर ईरान का यह ढांचा इससे कहीं आगे है। यह किसी एक बंकर का समूह नहीं बल्कि जमीन के भीतर फैला एक विशाल सैन्य शहर है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक इन ठिकानों का निर्माण धरती की सतह से लगभग 500 से 800 मीटर की गहराई में किया गया है। इतनी गहराई में बनाए गए इस नेटवर्क में कई किलोमीटर लंबी और चौड़ी सुरंगें मौजूद हैं। इन रास्तों को इस तरह डिजाइन किया गया है कि भारी सैन्य ट्रक और मिसाइल ले जाने वाले बड़े वाहन भी आसानी से अंदर प्रवेश कर सकें और भीतर ही दिशा बदल सकें।
पहाड़ों के भीतर छिपा सैन्य ढांचा
ईरान ने इन अड्डों के लिए प्राकृतिक सुरक्षा का भी भरपूर उपयोग किया है। कई मिसाइल सिटी ठोस चट्टानों और पहाड़ी इलाकों के नीचे बनाई गई हैं। खासतौर पर जाग्रोस पर्वत क्षेत्र की मजबूत चट्टानों के भीतर बने ये ठिकाने बाहरी दुनिया से लगभग पूरी तरह छिपे हुए हैं।
ऊपर से देखने पर इन स्थानों पर सिर्फ सामान्य पहाड़ और वीरान इलाका दिखाई देता है। मगर उन्हीं पहाड़ों के भीतर सुरंगों का जाल और मिसाइलों से लैस सैन्य इकाइयां मौजूद रहती हैं। यही कारण है कि बाहरी दुनिया के लिए इनकी सही लोकेशन और संरचना समझना आसान नहीं है।
सैटेलाइट और रडार से बचने की रणनीति
आज के समय में अमेरिका और इजराइल जैसे देशों के पास अत्याधुनिक सैन्य सैटेलाइट और निगरानी प्रणाली है। ये तकनीक जमीन पर हो रही छोटी से छोटी गतिविधि पर नजर रख सकती है। फिर भी जमीन के कई सौ मीटर नीचे क्या चल रहा है यह जानना लगभग असंभव माना जाता है।
ईरान ने इसी कमजोरी को अपनी ताकत में बदला है। गहरी चट्टानों के नीचे मौजूद इन सुरंगों को सैटेलाइट या रडार से पकड़ पाना बेहद कठिन है। इसी वजह से ये ठिकाने दुश्मन की निगरानी से काफी हद तक सुरक्षित माने जाते हैं।
क्या बंकर बस्टर बम भी बेअसर हैं?
अक्सर यह सवाल उठता है कि अमेरिका के पास मौजूद शक्तिशाली बंकर बस्टर बम ऐसे ठिकानों को नष्ट क्यों नहीं कर सकते। अमेरिका के सबसे ताकतवर बमों में से एक जीबीयू-57 जिसे मैसिव ऑर्डिनेंस पेनिट्रेटर कहा जाता है जमीन के अंदर तक घुसकर विस्फोट करने के लिए बनाया गया है।
सिर्फ़ भारत में ही नहीं बल्कि इन 9 देशों में भी फ्यूल की कमी, 2 लीटर ईंधन की लिमिट तय
हालांकि सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार इसकी भी एक लिमिट है। बहुत अधिक गहराई और मोटी चट्टानों के नीचे बने ढांचे तक इसकी मार पहुंचना आसान नहीं होता। इसी वजह से ईरान की मिसाइल सिटी को उसकी सुरक्षा रणनीति का सबसे मजबूत हिस्सा माना जाता है।



