समाधान दिवस में 12 फरियादियों ने दर्ज करें शिकायतें
मौके पर एक भी नहीं हो सका निस्तारण

जसवंतनगर,इटावा। तहसील सभागार में एसडीएम कुमार सत्यमजीत की अध्यक्षता में समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न गांवों से कुल 12 शिकायतें प्राप्त हुईं, लेकिन किसी भी शिकायत का मौके पर निस्तारण नहीं हो सका। इससे फरियादी मायूस होकर लौट गए।
समाधान दिवस में कई तहसील स्तरीय अधिकारियों की अनुपस्थिति भी देखने को मिली, जिसके चलते समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं हो पाया। फरियादियों ने अपनी समस्याएं लिखित प्रार्थना पत्र के माध्यम से अधिकारियों को सौंपीं।
ग्राम पदमपुरा निवासी सुरेश चंद ने अपनी भूमि पर किए गए अवैध कब्जे को हटवाने की मांग की। ग्राम नगला नरिया के कौशलेंद्र ने समाज की खाली भूमि पर विपक्षियों द्वारा कब्जा किए जाने की शिकायत दर्ज कराई। ग्राम पीपरीपुरा की मंजू देवी ने बंद पड़े आम रास्ते को खुलवाने की मांग की।
इसी प्रकार ग्राम नगला भदौरिया के दलवीर सिंह ने चकरोड से रास्ता बाधित होने की शिकायत की, जबकि ग्राम भीकनपुर की पुष्पा देवी ने गांव में जलभराव की समस्या से निजात दिलाने की मांग उठाई। ग्राम घुराह के रामसनेही ने अपनी भूमि से अवैध कब्जा हटवाने के लिए प्रार्थना पत्र दिया।
एसडीएम कुमार सत्यमजीत ने सभी शिकायतों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच कर समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए।
सीएचसी में ‘पंचनद कैंटीन’ का शुभारंभ, महिला समूह को मिला स्वरोजगार का अवसर
जसवंतनगर,इटावा। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन ‘प्रेरणा’ के तहत संचालित होने वाली पंचनद कैंटीन का शुभारंभ राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती पूनम द्विवेदी ने फीता काटकर किया। इस कैंटीन के संचालन की जिम्मेदारी केस्त गांव में संचालित ‘राधे-राधे’ स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला श्रीमती रजनी देवी को सौंपी गई है।

उद्घाटन के अवसर पर द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उन्हें आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर स्वरोजगार से जुड़ रही हैं। इससे न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि वे परिवार की जिम्मेदारियों में भी महत्वपूर्ण सहयोग दे रही हैं।
उन्होंने कहा कि इस प्रकार की पहल से महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में उनकी भागीदारी भी मजबूत होती है। कैंटीन के माध्यम से अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को भी चाय-नाश्ता व अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. वीरेन्द्र सिंह, डॉ. तृप्ति शुक्ला, महिला थाना प्रभारी निर्मला कुमारी सहित अस्पताल का स्टाफ और स्वयं सहायता समूह से जुड़ी कई महिलाएं मौजूद रहीं। कार्यक्रम में सभी ने महिला समूह की इस पहल की सराहना करते हुए इसे आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।



