कार्ड फंसाओ, नंबर लिखो और खाते साफ करो… एटीएम ठगी का खुलासा

मऊ। जनपद मऊ में एटीएम फ्रॉड की बढ़ती घटनाओं पर बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एक अन्तर्राज्यीय एटीएम ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। एटीएम मशीन में ग्लू लगाकर कार्ड फंसाने, फिर धोखे से कार्ड चोरी कर रुपये निकालने वाले इस गिरोह के पांच शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त कार, एटीएम कार्ड, नकदी, मोबाइल फोन और ठगी के औजार बरामद किए हैं।

यह सफलता पुलिस अधीक्षक जनपद मऊ श्री इलामारन के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक श्री अनूप कुमार के पर्यवेक्षण, क्षेत्राधिकारी नगर श्री कृष राजपूत एवं प्रभारी साइबर थाना श्री शैलेश सिंह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे साइबर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत मिली।

मामले की शुरुआत 17 जनवरी 2026 को हुई, जब मऊ जनपद की एक महिला ने NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में बताया गया कि भीटी चौराहे स्थित एटीएम में पैसे निकालते समय उनका एटीएम कार्ड मशीन में फंस गया। कार्ड न निकलने पर उन्होंने एटीएम रूम में लिखे एक मोबाइल नंबर पर कॉल किया। कुछ ही देर बाद उनका कार्ड मशीन से गायब हो गया और लगभग 10 मिनट के भीतर उनके खाते से 20,500 रुपये निकाल लिए गए।

जांच के दौरान सामने आया कि इसी संदिग्ध मोबाइल नंबर का इस्तेमाल एक दिन पहले बलिया जनपद में भी किया गया था, जहां इसी तरह से करीब 1 लाख 95 हजार रुपये की ठगी हुई थी। इसके बाद साइबर सेल टीम ने दोनों एटीएम रूम और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। तकनीकी साक्ष्यों और सर्विलांस के आधार पर एक चार पहिया वाहन की पहचान हुई, जिसका इस्तेमाल अभियुक्त घटनाओं को अंजाम देने में कर रहे थे।

लगातार निगरानी के बाद 9 फरवरी 2026 की रात करीब 9:30 बजे रामपुर चकिया अंडरपास सर्विस लेन पर संदिग्ध वाहन दिखाई दिया। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर रात 10:30 बजे वाहन सवार पांचों अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया कि उनका एक मुख्य लीडर है, जो बिहार और पटना से पूरे गिरोह को ऑपरेट करता है। वही उन्हें फर्जी सिम कार्ड और मोबाइल फोन उपलब्ध कराता है और एटीएम फ्रॉड की ट्रेनिंग देता है।

गिरोह का तरीका बेहद शातिर था—एक सदस्य एटीएम रूम की दीवार पर फर्जी कस्टमर केयर नंबर लिख देता, दूसरा मशीन में चुपचाप फेवीक्विक लगा देता। जब कोई ग्राहक कार्ड डालता, तो कार्ड मशीन में चिपक जाता। पीछे खड़ा साथी मदद के बहाने कार्ड निकालने का नाटक करता और फिर कस्टमर केयर नंबर पर फोन करने को कहता। इसके बाद औजारों की मदद से कार्ड निकालकर चोरी कर लिया जाता और तुरंत दूसरे एटीएम से पैसे निकाल लिए जाते।

पुलिस ने अभियुक्तों के कब्जे से एक मारुति स्विफ्ट डिजायर कार, 13 एटीएम कार्ड, 18,600 रुपये नकद, 9 मोबाइल फोन, पिलास, पेचकस, चाकू, ग्लू, फेवीक्विक, मार्कर, आधार कार्ड सहित अन्य सामान बरामद किया है।

गिरफ्तार अभियुक्त बिहार के नवादा जनपद के रहने वाले हैं। पुलिस का कहना है कि गिरोह देश के अलग-अलग राज्यों में इसी तरह की घटनाओं को अंजाम देता रहा है। सभी अभियुक्तों को नियमानुसार न्यायालय में प्रस्तुत किया जा रहा है। पुलिस आगे भी इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी

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