टैरिफ घटने से बड़ी राहत, भारत में तेजी से गिरने वाले हैं इन चीजें के दाम

India-US Trade Deal: दुनिया की दो सबसे बड़ी डेमोक्रेसी भारत और US ने शनिवार को एक ‘इंटरिम ट्रेड एग्रीमेंट’ पर साइन किए। इस एग्रीमेंट से दोनों देशों के बीच ट्रेड टेंशन कम होगा, जिससे भारतीय कंज्यूमर्स के लिए अमेरिकी सामान सस्ता और आसान हो जाएगा और भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए US मार्केट आसान हो जाएगा। जॉइंट स्टेटमेंट के मुताबिक, भारत US से एग्रीकल्चर और इलेक्ट्रॉनिक्स सामानों पर इंपोर्ट ड्यूटी या तो पूरी तरह खत्म कर देगा या काफी कम कर देगा।

भारतीय कंज्यूमर्स के लिए क्या सस्ता होगा?

US से इंपोर्ट होने वाले कई सामानों पर टैरिफ कम होने से इन सामानों की कीमतें कम होंगी। इनमें बादाम, अखरोट, ताजे और प्रोसेस्ड फल, अनाज शामिल हैं। इलेक्ट्रॉनिक्स में लैपटॉप, स्मार्टफोन और दूसरे गैजेट्स और होम अप्लायंसेज शामिल हैं। साथ ही, सोयाबीन तेल, पैकेज्ड फूड, वाइन और स्पिरिट्स, साथ ही जानवरों के चारे के लिए इस्तेमाल होने वाला लाल ज्वार और DDG सस्ता हो जाएगा।

भारतीय एक्सपोर्टर्स के लिए ‘जैकपॉट’; 50% टैरिफ अब सीधे 18 परसेंट पर!

यह एग्रीमेंट भारतीय इकोनॉमी के लिए गेम चेंजर साबित होने वाला है। रूस से कच्चा तेल खरीदने की वजह से US ने भारतीय सामान पर प्यूनिटिव ड्यूटी मिलाकर कुल 50% टैरिफ लगाया था। अब इसे सीधे 18% कर दिया गया है। इससे भारतीय प्रोडक्ट US मार्केट में ज़्यादा कॉम्पिटिटिव हो जाएंगे।

इन सेक्टर्स को बहुत फ़ायदा होगा

  • टेक्सटाइल इंडस्ट्री: रेडीमेड गारमेंट्स और टेक्सटाइल्स।
  • फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री: जेनेरिक दवाएं और ऑर्गेनिक केमिकल्स।
  • ज्वेलरी: डायमंड और ज्वेलरी का एक्सपोर्ट बढ़ेगा।
  • हैंडीक्राफ्ट्स: होम डेकोर, हैंडीक्राफ्ट्स और लेदर इंडस्ट्री।

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आपसी फ़ायदे का एक नया चैप्टर

दोनों देशों के जॉइंट स्टेटमेंट में कहा गया, “हमने बराबर और आपसी फ़ायदे वाले ट्रेड के लिए एक फ्रेमवर्क बनाया है।” इस एग्रीमेंट से दोनों देशों के मार्केट एक-दूसरे के लिए खुल गए हैं, जिससे ग्लोबल ट्रेड में भारत की स्थिति और मज़बूत होगी।

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