साहब हनुमान मन्दिर की बेशकीमती भूमि का कब्जा रुकवा दो

दबंग भू-माफिया जबरन निर्माण कर मन्दिर पर कब्जा कर रहे हैं

भरथना,इटावा। अध्यात्म और धर्म को बढावा देने वाली भाजपा सरकार में कब्जेदार भूमाफियाओं का कहर जारी है। दबंग जाति विशेष के कब्जेदारों ने प्राचीन हनुमान मन्दिर भोली चौराहा की वेशकीमती भूमि पर दबंगई व गुण्डई के बल पर जबरन कब्जा करके ग्रामीण हनुमान भक्तों का आक्रोश बढा दिया है। जिसके चलते कई दर्जन भक्तों ने मुख्यमत्री को सम्बोधित एक प्रार्थना पत्र उपजिलाधिकारी को सौंपकर कब्जा रूकवाये जाने की गुहार लगायी है।

भरथना विकास खण्ड क्षेत्र के अन्तर्गत ऊसराहार-भरथना मार्ग स्थित ग्राम भोली चौराहा पर बुधवार को उस समय ग्रामीण हनुमान भक्तों का आक्रोश फूट पडा, जब दबंग जाति विशेष के कब्जेदारों द्वारा भोली चौराहा पर स्थापित प्राचीन हनुमान मन्दिर की वेशकीमती सडक किनारे भूमि पर तीसरी बार जबरन निर्माण कार्य कराकर कब्जा करने का प्रयास शुरू किया गया।

जिस पर ग्रामीण हनुमान भक्तों ने मन्दिर के समीप निर्माणाधीन स्थल पर कब्जेदारों के विरूद्ध जमकर विरोध प्रदर्शन किया। जिसके बाद मन्दिर के महन्त रघुनन्दनपुरी गुरूदेव महाराज आत्मापुरी के नेतृत्व में सामूहिक रूप से कई दर्जन हनुमान भक्तों ने उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री को सम्बोधित शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर दबंगों के विरूद्ध कार्यवाही के साथ निर्माण कार्य रूकवाये जाने की गुहार लगायी है।

ग्रामीणों का आरोप है कि करीब 150 वर्ष पुराना प्राचीन हनुमान मन्दिर की ग्राम रमायन रोड पर स्थित वेशकीमती भूमि पर दबंगों द्वारा जबरन निर्माण कार्य करके कब्जा किया जा रहा है। जिसका रूकवाया जाना अत्यन्त जरूरी है।

वहीं कब्जेदार दूसरे पक्ष ने बताया कि मन्दिर से सटी सडक किनारे उपरोक्त भूमि बैनामाशुदा है। लेकिन मन्दिर के महन्त को गुमराह कर वेवजह विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

जिसके सम्बन्ध में उनके द्वारा उपजिलाधिकारी व राजस्व विभाग की टीम से बैनामाशुदा भूमि की नापजोख कराने के बाद ही निर्माण कार्य शुरू कराया जा रहा है। उपजिलाधिकारी काव्या सी को शिकायती प्रार्थना पत्र सौंपकर विरोध प्रदर्शन करने वालों में पूर्व प्रधान विनोद यादव, गौरव, भोला, सनोज, भगवान सिंह, जनवेद, संजू, सत्यवीर, प्रेम सिंह, सौरभ, गोपेन्द्र सिंह, कुलदीप, अंकित सिंह, शिवपाल सिंह, सियाराम, राहुल सिंह, धु्रवराज सिंह, शिवम, रमेश सहित कई दर्जन शामिल हैं।

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