अब ट्रेन में भी ‘हवाई यात्रा’ जैसा नियम! एक्स्ट्रा सामान ले गए तो देना होगा भारी जुर्माना

Railway New Rules 2025: हवाई यात्रा से पहले आप जो सामान ले जा रहे हैं, उसका वज़न चेक किया जाता है। अगर ये लिमिट से ज़्यादा है, तो एक्स्ट्रा चार्ज लगता है। मगर अब ट्रेन से सफ़र करते समय भी यह ध्यान रखना होगा। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में जवाब देते हुए कहा है कि ट्रेन से सफ़र करने वाले यात्रियों को लिमिट से ज़्यादा वज़न ले जाने पर चार्ज देना होगा। वे MP वेमिरेड्डी प्रभाकर रेड्डी के एक सवाल का जवाब दे रहे थे। जिसमें पूछा गया था कि क्या हवाई सफ़र की तरह ट्रेन से सफ़र करने वाले यात्रियों के लिए भी बैग के वज़न का नियम लागू किया गया है।
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अभी, ट्रेनों में यात्रियों द्वारा ले जाए जाने वाले सामान के लिए अलग-अलग कैटेगरी के हिसाब से मैक्सिमम वज़न तय किया गया है। हर कैटेगरी में फ़्री बैगेज और मैक्सिमम लिमिट तय की गई है। सेकंड क्लास में सफ़र करने वाले 35 kg तक का सामान फ़्री में ले जा सकते हैं। उसके बाद 70 kg तक के सामान पर चार्ज लगेगा। स्लीपर क्लास के यात्रियों को 40 kg तक का सामान फ़्री में ले जाने की इजाज़त है। 80 kg तक के सामान पर चार्ज लगेगा।
कितना सामाना ले जा सकते हैं मुफ्त (New Railway Luggage rules)
AC थ्री-टियर और चेयर कार में यात्री 40 kg तक सामान मुफ़्त ले जा सकते हैं। फ़र्स्ट क्लास और AC टू-टियर में यात्रा करने वाले यात्री 50 kg तक सामान ले जा सकते हैं। उन्हें 100 kg तक सामान ले जाने की अनुमति है। ज़्यादा सामान पर चार्ज लगेगा। अधिकतम लिमिट में मुफ़्त सामान की लिमिट भी शामिल है। अगर आप कोच में मुफ़्त लिमिट से ज़्यादा सामान ले जा रहे हैं, तो आपको तय रेट से डेढ़ गुना ज़्यादा पैसे देने होंगे, यह भी रेल मंत्री ने साफ़ किया है।
How to change old notes: बैंक से फटे और पुराने नोट कैसे बदलवाएं
रेल मंत्री वैष्णव ने ये भी कहा है यात्रियों को कोच में पर्सनल सामान के तौर पर 100 cm x 60 cm x 25 cm (लंबाई x चौड़ाई x ऊंचाई) तक के ट्रंक, सूटकेस और बॉक्स ले जाने की अनुमति है। इनमें से किसी भी साइज़ से ज़्यादा का सामान कोच में ले जाने की अनुमति नहीं है और ऐसे सामान को ब्रेक वैन या पार्सल वैन में बुक करना होगा।



