पुलिस कमिश्नर का सख्त संदेश, रात की पेट्रोलिंग और रेंडम चेकिंग बढ़ेगी-लंबित विवेचनाओं के त्वरित निस्तारण पर जोर

गाजियाबाद। जनपद में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने के उद्देश्य से बुधवार को अपने कार्यालय में पुलिस आयुक्त जे. रविंदर गौड ने राजपत्रित अधिकारियों के साथ एक अहम अपराध समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान पुलिस आयुक्त ने अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट और सख्त निर्देश देते हुए कहा कि सभी राजपत्रित अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित रूप से, विशेषकर रात्रिकालीन समय में, भ्रमणशील रहें। उन्होंने रात की पेट्रोलिंग का समय बढ़ाने के साथ-साथ रेंडम चेकिंग को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया, ताकि अपराधियों में भय और आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा कायम किया जा सके।
पुलिस आयुक्त ने कहा कि पेशेवर अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाए जाएं और किसी भी सूरत में अपराध पर नियंत्रण में ढिलाई न बरती जाए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि लंबित विवेचनाओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा इसमें किसी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी। बैठक के दौरान श्री गौड ने वर्ष 2025 में अब तक घटित अपराधों की विस्तार से समीक्षा की।
उन्होंने लूट और चेन स्नैचिंग की घटनाओं के साथ-साथ पुलिस द्वारा की गई बरामदगी की स्थिति की जानकारी ली और इन मामलों में और बेहतर परिणाम लाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त चोरी और सेंधमारी जैसी घटनाओं पर की गई पुलिस कार्रवाई का भी विस्तृत ब्यौरा अधिकारियों से लिया गया। पुलिस आयुक्त ने यह भी जानना चाहा कि इस वर्ष अब तक विभिन्न थाना क्षेत्रों में कितनी निरोधात्मक कार्रवाई की गई है और उसका अपराध नियंत्रण पर क्या प्रभाव पड़ा है।
पुलिस आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अपराधियों पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ आम जनता के साथ संवाद और विश्वास कायम करना भी उतना ही जरूरी है। उन्होंने कहा कि सक्रिय पुलिसिंग, सतत निगरानी और तेज कार्रवाई ही अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाने का सबसे मजबूत माध्यम है।
बैठक में एडिशनल पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय केशव चौधरी, एडिशनल पुलिस आयुक्त कानून व्यवस्था एवं यातायात आलोक प्रियदर्शी, डीसीपी नगर धवल जायसवाल, डीसीपी ग्रामीण सुरेंद्रनाथ तिवारी, डीसीपी ट्रांस हिंडन निमिष दशरथ पाटिल, डीसीपी ट्रैफिक त्रिगुण बिसेन, एडीसीपी क्राइम पीयूष कुमार सिंह सहित जनपद के समस्त एसीपी उपस्थित रहे। बैठक के अंत में पुलिस आयुक्त ने सभी अधिकारियों से अपेक्षा जताई कि वे निर्देशों का अक्षरश: पालन करते हुए अपराध मुक्त गाजियाबाद की दिशा में ठोस और परिणामकारी कदम उठाएं।



