आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
सैफई आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में आयोजित ए.आई.ओरिएंटेशन स्वास्थ्य सेवा कार्यक्रम सम्पन्न

सैफई,इटावा। उत्तर प्रदेश यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल साइंसेज़, सैफई में (ए.आई. आर्टिफिशियल ओरिएंटेशन प्रोग्राम) का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम चिकित्सा क्षेत्र में आधुनिक तकनीक के एकीकरण के उद्देश्य से स्थापित होने वाले सेंटर फॉर एक्सीलेंस-ए आई की महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा है।
इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजक डॉ.सुशील यादव, एसोसिएट प्रोफेसर, मेडिसिन विभाग के संयोजक रहे। कार्यक्रम में विभिन्न विशेषज्ञों ने स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती भूमिका पर विस्तृत व सरल भाषा में मार्गदर्शन दिया।
अपने संबोधन में कुलपति ने कहा यूपीयूएमएस उत्तर प्रदेश और देश के लिए ऐ आई-ड्रिवन हेल्थ केयर का मॉडल बनेगा। हमारी प्राथमिकता है कि डॉक्टरों को तकनीक का ऐसा ज्ञान दें, जिससे मरीजों को त्वरित,सटीक और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएँ मिल सकें।
इस अवसर पर अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने साझा किए अपने अनुभव वियना (ऑस्ट्रिया) के इंजीनियर अभिषेक ने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस किस प्रकार कार्य करता है तथा यह स्वास्थ्य सेवाओं में डॉक्टर का सहयोगी है, उनका विकल्प नहीं। उन्होंने समझाया कि का उद्देश्य डॉक्टर के ज्ञान, अनुभव और निर्णय लेने की क्षमता को और अधिक सशक्त बनाना है।
बैंगलुरु के एआई इंजीनियर एवं ए जेनेक्स एआई के फाउंडर अजय वर्मा ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उपयोग किए जाने वाले प्रमुख एआई टूल्स की जानकारी बहुत ही सरल और व्यवहारिक रूप में चिकित्सकों को प्रदान की। उन्होंने बताया कि क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट,अर्ली डायग्नोसिस, ट्राई एज सिस्टम और ई-हेल्थ प्लेटफॉर्म्स में एआई का उपयोग कैसे तेजी से बढ़ रहा है।
दंत चिकित्सक एवं एआई विशेषज्ञ डॉ.अभिज्ञान मानसने बताया कि डेंटिस्ट्री में AI कैसे रेडियोग्राफी, पैथोलॉजी और ट्रीटमेंट प्लानिंग में अद्भुत परिवर्तन ला रहा है। साथ ही उन्होंने यह भी समझाया कि ए आई मेडिकल शिक्षा को किस तरह तेज,इंटरैक्टिव और अधिक प्रभावी बना रहा है।
पैथोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ.संजीव सिंह ने बताया कि पैथोलॉजी में का रोग निदान में कितना महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने डिजिटल पैथोलॉजी, स्लाइड इंटरप्रिटेशन,पैटर्न रिकग्निशन औरऑटोमैटिक डायग्नोस्टिक एल्गोरिद्म की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर ब्लड प्रेशर को ऐआई से इलाज संबंधित एक पुस्तक का भी कुलपति द्वारा विमोचन किया गया।
इस कार्यक्रम द्वारा ने यह भी बताया गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब भविष्य की तकनीक नहीं है, बल्कि वर्तमान का महत्वपूर्ण अंग बन चुका है। सैफई द्वारा उठाया गया यह कदम उत्तर प्रदेश तथा देश में विकास की दिशा में एक नई शुरुआत का प्रतीक है।



