इस मैच घातक गेंदबाज को गंभीर-अगरकर ने कर दिया OUT, वरना अफ्रीका नहीं बना पाती 489

दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चल रही दो मैचों की टेस्ट सीरीज में भारतीय टीम बुरी तरह पटखनी खा रही है। कोलकाता में पहला टेस्ट महज 30 रन से गंवाने के बाद गुवाहाटी में दूसरा टेस्ट भी हाथ से फिसलता नजर आ रहा है। पहली पारी में मेहमान टीम ने 489 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया और इसके पीछे सबसे बड़ी वजह रही भारतीय तेज गेंदबाजी की कमजोरी। जसप्रीत बुमराह अकेले दम पर लड़ते दिखे जबकि बाकी गेंदबाज बेइंतहा महंगे साबित हुए।
घातक गेंदबाज की गैरमौजूदगी ने तोड़ा मनोबल
क्रिकेट प्रेमियों के बीच एक ही सवाल घूम रहा है कि आखिर मोहम्मद शमी को इस अहम सीरीज से क्यों दूर रखा गया। फैंस सोशल मीडिया पर लगातार लिख रहे हैं कि अगर शमी मैदान पर होते तो दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाजों की शामत आ जाती। बुमराह-शमी की जोड़ी लंबे समय से विरोधी टीमों के लिए डर का दूसरा नाम रही है। शमी की कमी ने न सिर्फ गेंदबाजी आक्रमण को कमजोर किया बल्कि पूरे ड्रेसिंग रूम का आत्मविश्वास भी हिला दिया।
घर में ही 76 शिकार करने वाला गेंदबाज बाहर!
भारत में खेले 21 टेस्ट मैचों में शमी ने 76 विकेट झटके हैं। स्विंग और सीम दोनों का बेहतरीन इस्तेमाल करने वाला ये गेंदबाज निचले क्रम में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी भी कर सकता है। अब तक टेस्ट क्रिकेट में उनके नाम 25 छक्के दर्ज हैं। 64 टेस्ट में 229 विकेट। फिर भी हेड कोच गौतम गंभीर और मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर्क ने उन्हें लगातार नजरअंदाज किया। फिटनेस को कारण बताया गया मगर फैंस इसे मानने को तैयार नहीं।
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आपको बता दें कि टीम मैनेजमेंट ने प्रसिद्ध कृष्णा और आकाशदीप को स्क्वाड में तो रखा मगर दोनों टेस्ट में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं दी। नतीजा यह हुआ कि बुमराह पर अतिरिक्त बोझ पड़ा और दूसरे छोर से कोई दबाव नहीं बना। परिणाम सबके सामने है। दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाज बेखौफ होकर खेलते रहे।


