क्या 12 अगस्त को लगेगा सूर्य ग्रहण, जानें भारत में दिखेगा या नहीं और क्या रहेगा सूतक काल

Surya Grahan 12 August: इन दिनों इंटरनेट और सोशल मीडिया पर 12 अगस्त को लगने वाले सूर्य ग्रहण को लेकर लोगों के बीच काफी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हर कोई सर्च इंजनों पर यह तलाश रहा है कि क्या वाकई 12 अगस्त को सूर्य ग्रहण लगने वाला है? अगर यह खगोलीय घटना हो रही है, तो क्या भारत में इसका नजारा देखने को मिलेगा? और सबसे बड़ा सवाल- क्या इस दौरान सूतक काल के नियम लागू होंगे? अगर आप भी इन्हीं सवालों के जवाब ढूंढ रहे हैं, तो आपकी सारी दुविधाओं को खत्म करने के लिए हम एकदम सटीक और प्रामाणिक जानकारी लेकर आए हैं।
क्या वाकई 12 अगस्त को है सूर्य ग्रहण? (समय और तारीख)
इस सवाल का सीधा और स्पष्ट जवाब है- हां। 12 अगस्त 2026 को इस साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है। पंचांग और खगोलीय गणनाओं के अनुसार, इस ग्रहण की शुरुआत 12 अगस्त की रात 9 बजकर 4 मिनट (भारतीय समयानुसार) पर होगी और यह देर रात 1 बजकर 27 मिनट पर समाप्त होगा। यह कोई साधारण घटना नहीं होगी, बल्कि एक बेहद दुर्लभ सूर्य ग्रहण होगा। दुनिया के कुछ हिस्सों में यह पूर्ण सूर्य ग्रहण (Total Solar Eclipse) के रूप में लोगों को हैरान करेगा, तो कुछ जगहों पर आसमान में ‘रिंग ऑफ फायर’ यानी वलयाकार ग्रहण का अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा।
क्या भारत में दिखाई देगा यह ग्रहण?
भारतीय लोगों के लिए यह जानना सबसे जरूरी है कि यह सूर्य ग्रहण भारत में बिल्कुल भी दिखाई नहीं देगा। इसके पीछे बेहद सीधा वैज्ञानिक कारण है। जिस वक्त आसमान में सूर्य को ग्रहण लग रहा होगा, उस समय भारत में रात का पहर होगा। सूर्य के क्षितिज से काफी नीचे होने की वजह से देश के किसी भी कोने से इस खगोलीय घटना का दीदार नहीं किया जा सकेगा।
सूतक काल लगेगा या नहीं?
धार्मिक नजरिए से सूतक काल को लेकर लोगों के मन में सबसे ज्यादा डर और दुविधा रहती है। वैदिक ज्योतिष का एक स्पष्ट नियम है- ‘जहां ग्रहण दृश्यमान नहीं, वहां सूतक काल भी मान्य नहीं।’ चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा, इसलिए देश में इसका सूतक काल भी बिल्कुल नहीं लगेगा। ग्रहण के दौरान आपको किसी भी तरह के नियमों या पाबंदियों का पालन करने की आवश्यकता नहीं है। सूतक मान्य न होने के कारण देश भर के सभी मंदिरों के कपाट आम दिनों की तरह खुले रहेंगे और दैनिक पूजा-पाठ बिना किसी बाधा के संपन्न होंगे।
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दुनिया में कहां-कहां नजर आएगा यह अद्भुत नजारा?
भले ही भारत के लोग इस खगोलीय घटना को लाइव अपनी आंखों से न देख पाएं, लेकिन दुनिया के कई देशों में यह साफ नजर आएगा। खगोलविद और आम लोग स्पेन, आइसलैंड, ग्रीनलैंड, पुर्तगाल, आर्कटिक और उत्तरी रूस के क्षेत्रों में इस सूर्य ग्रहण का अद्भुत और दुर्लभ नजारा देख सकेंगे।



