पैसा लगाया और हो गया खेल, इस IPO ने लिस्ट होते ही निवेशकों को दिया 20% का तगड़ा झटका
Shreeji Global FMCG: लिस्टिंग पर बड़ा झटका! तेज बाजार में भी श्रीजी ग्लोबल FMCG के शेयर 20% टूटे। कंपनी के कारोबार और IPO सब्सक्रिप्शन की पूरी कहानी पढ़ें, निवेशकों के लिए आगे क्या?

Shreeji Global FMCG: बाजार में इन दिनों जबरदस्त तेजी है, लेकिन श्रीजी ग्लोबल एफएमसीजी के शेयरों को यह माहौल भी रास नहीं आया। कंपनी के शेयर पहले ही दिन धड़ाम हो गए। बुधवार को नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर इन शेयरों की शुरुआत ही खराब रही। यह 125 रुपये के आईपीओ प्राइस के मुकाबले 20 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 100 रुपये पर लिस्ट हुआ।
लिस्टिंग के तुरंत बाद तो हालात और भी बुरे हो गए। शेयर गिरकर 99 रुपये के निचले स्तर तक पहुंच गया। आपको बता दें, कंपनी का यह पब्लिक इश्यू 85 करोड़ रुपये का था।
खराब शुरुआत के बाद दिखी थोड़ी रिकवरी
बुरी लिस्टिंग के बावजूद दिन के कारोबार में शेयर ने थोड़ी जान पकड़ी। निचले स्तर से इसमें 5 प्रतिशत की बढ़त देखने को मिली और यह 105 रुपये तक पहुंच गया। श्रीजी ग्लोबल एफएमसीजी का आईपीओ 4 नवंबर 2025 को खुला था और 7 नवंबर तक निवेशकों के लिए उपलब्ध था। आईपीओ से पहले कंपनी में प्रमोटरों की हिस्सेदारी 99.99 प्रतिशत थी, जो अब घटकर 70.12 प्रतिशत रह गई है।
एक ही महीने में 44 लाख से ज़्यादा SIP बंद, वजह आपको हैरान कर देगी
‘सेठजी’ ब्रांड के मसाले और कारोबार
Shreeji Global FMCG का मुख्य कारोबार मसालों और ब्लेन्ड की खास किस्मों से जुड़ा है। कंपनी फिलहाल पिसे हुए और साबुत मसाले, बीज, अनाज, दालें, आटा और अन्य खाद्य उत्पादों में डील करती है। कंपनी अपने उत्पादों को ‘सेठजी’ ब्रांड नाम से बेचती है। इनके उत्पादों की लिस्ट में चना, जीरा, धनिया, मूंगफली, कलौंजी के बीज, सौंफ, लाल मिर्च पाउडर और हल्दी पाउडर जैसे कई आइटम शामिल हैं। इसके अलावा, कंपनी कुछ कृषि कमोडिटीज का आयात भी करती है।
3 गुना से ज्यादा हुआ था सब्सक्राइब
- खराब लिस्टिंग के बावजूद यह बात गौर करने लायक है कि कंपनी के आईपीओ को निवेशकों से अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। यह कुल 3.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
- आम निवेशकों का कोटा 2.91 गुना भरा।
- गैर-संस्थागत निवेशकों (NII) की कैटेगरी में 5.06 गुना दांव लगा।
- योग्य संस्थागत खरीदारों (QIB) की कैटेगरी को 1.64 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।
- आम निवेशकों को इस आईपीओ में अधिकतम 2 लॉट के लिए ही बोली लगाने की छूट थी। 2 लॉट में 2000 शेयर थे, जिसके लिए निवेशकों को 2.50 लाख रुपये का निवेश करना पड़ा था।



