टीएमयू में धड़ल्ले से चल रहा है प्रतिबंधित टीवी गोल्ड टेस्ट

मंडल प्रभारी अवनीत कुमार शर्मा

भारत सरकार ने 2012 में टीवी (तपेदिक) के निदान के लिएं सरोलोजीकल एंटीबॉडी आधारित रक्त परीक्षणों के उपयोग निर्माण बिक्री और आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था टीवी गोल्ड टेस्ट जिसे क्वाटीफिरोंन टीवी गोल्ड या आई जी ए टेस्ट भी कहा जाता है। प्रतिबंधित का कारण यह था कि यह परीक्षण अविश्वसनीय और गलत परिणाम देता था जिससे गलत निदान और अनुचित उपचार होता था जो मानव जीवन के लिएं जोखिम पैदा कर सकता था।

मगर टीएमयू स्थित पकवाड़ा जनपद मुरादाबाद में यह टेस्ट धड़ले से चल रहा है और मनचाही अवैध वसूली भी की जा रही है। और इस टेस्ट के लिएं कोई भी रोकथाम नहीं है। स्वास्थ्य विभाग इस तरफ को बिल्कुल ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि मीडिया टीएमयू द्वारा हर एक स्वास्थ्य विभाग के नियमों को तोड़े जाने पर प्रशासनिक अधिकारियों को आगाह कर रहा है। जबकि टीवी गोल्ड सक्रिय टीवी रोग के निदान के लिएं अनुशंसित या निश्चित परीक्षण नहीं है। लेकिन इसका उपयोग टीवी संक्रमण का पता लगाने की मदद के लिएं किया जा सकता था अब इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

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