पुतिन की नज़र यूक्रेन के इस छोटे से शहर पर, वजह है बहुत खास

Ukraine-Russia: रूस-यूक्रेन युद्ध के तीन साल बाद भी संघर्ष जारी है। हालांकि युद्ध की तीव्रता में कुछ कमी आई है।

Ukraine-Russia: पिछले तीन सालों से चल रहा रूस-यूक्रेन युद्ध अभी थमा नहीं है। हालाँकि युद्ध की तीव्रता कम हो गई है, फिर भी दोनों पक्ष समय-समय पर एक-दूसरे पर हमले करते रहते हैं। ऐसे में यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र का ‘पोक्रोवस्क’ शहर इस युद्ध का नया केंद्र बन गया है। कभी साठ हज़ार से ज़्यादा की आबादी वाला यह शहर अब लगभग तबाह हो चुका है। लगातार हमलों के कारण यहाँ की आबादी घटकर 1500 रह गई है।

इस बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने लगभग खाली हो चुके इस शहर पर कब्ज़ा करने के लिए लगभग 1,00,000 सैनिकों को तैनात कर दिया है। अब आप सोच रहे होंगे कि पुतिन इस तबाह और वीरान शहर को इतना महत्व क्यों दे रहे हैं?

कितना अहम है ये यूक्रेनी शहर

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, पोक्रोवस्क पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण रेलवे जंक्शन है। रणनीतिक रूप से यह क्षेत्र रूस के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। रूस की नज़र पूरे डोनबास क्षेत्र (डोनेट्स्क और लुगांस्क) पर है और पोक्रोवस्क उस क्षेत्र का ‘डोनेट्स्क का प्रवेश द्वार’ है। अगर रूस इस शहर पर कब्ज़ा कर लेता है, तो वह आसानी से क्रिमाटोर्स्क और स्लोवियास्क जैसे प्रमुख यूक्रेनी शहरों की ओर बढ़ सकता है।

कोयला खदानें भी एक कारक

पोक्रोवस्क क्षेत्र यूक्रेन की एकमात्र कोयला खदान का घर है, जिसे देश के इस्पात उद्योग की रीढ़ माना जाता है। रूस इस खदान पर नियंत्रण हासिल करके यूक्रेन की औद्योगिक क्षमता को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहा है। मेटइन्वेस्ट कंपनी ने जनवरी में खनन बंद कर दिया था, लेकिन अब रूस इस क्षेत्र पर कब्ज़ा करने की कोशिश कर रहा है। यह खदान इस क्षेत्र के आर्थिक और औद्योगिक महत्व को और बढ़ा देती है।

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पुतिन की नई रणनीति क्या

अब रूस सीधे बड़े पैमाने पर युद्ध छेड़ने के बजाय धीरे-धीरे घेरने की रणनीति अपना रहा है। छोटी इकाइयों और ड्रोन की मदद से यूक्रेन की आपूर्ति लाइनें काटी जा रही हैं। रूस का दावा है कि इस तरीके से उसका नुकसान कम हो रहा है। दूसरी ओर, कीव प्रशासन का कहना है कि यूक्रेन अभी भी पोक्रोवस्क के कई हिस्सों पर नियंत्रण रखता है और रूसी सेना को भारी नुकसान हो रहा है।

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