ट्रंप की 10 मिनट वाली सैन्य चेतावनी पर भड़का ईरान, आर-पार के जंग की दी धमकी; बातचीत के लिए रखीं 4 शर्तें

Pickaxe Mountain Iran military target: मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच गहराता तनाव एक बार फिर खतरनाक मुहाने पर पहुंच गया है, जिससे क्षेत्र में पूर्ण युद्ध का खतरा मंडराने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा ईरान के बचे हुए रणनीतिक सैन्य ठिकानों पर महज 10 मिनट के भीतर एयर स्ट्राइक करने की खुली बात कहे जाने के बाद तेहरान की ओर से तीखा पलटवार सामने आया है। ईरानी सेना ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई नया संघर्ष छिड़ता है, तो वह पिछले टकरावों से कहीं अधिक व्यापक और लंबा खिंचेगा। ईरानी सैन्य नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति इस स्थिति में कतई नहीं होंगे कि वे युद्ध का समय या शर्तें तय कर सकें।
जानें कैसे तूल पकड़ गया मामला
विवाद की ताजा चिंगारी राष्ट्रपति ट्रम्प के उस बयान से भड़की, जिसमें उन्होंने पत्रकारों से मुखातिब होते हुए कहा कि ईरान में अभी भी कुछ अहम ठिकाने बाकी हैं और अमेरिकी सेना महज 10 मिनट में उन्हें निशाना बना सकती है। ट्रम्प ने खास तौर पर ‘पिकएक्स माउंटेन’ (Pickaxe Mountain) का नाम लिया, जिससे सैन्य कार्रवाई की अटकलें तेज हो गईं। इस बीच अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘एक्सिओस’ की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से लंबी फोन वार्ता की है। सूत्रों का दावा है कि नेतन्याहू मध्यावधि चुनावों के फौरन बाद सैन्य प्रहार के पक्षधर थे, जबकि ट्रम्प ने फिलहाल कूटनीतिक रास्तों को कुछ और वक्त देने का रुख अपनाया है।
ट्रम्प के रुख पर पलटवार करते हुए ईरानी सेना के प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिनिया और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के प्रवक्ता हुसैन मोहेब्बी ने राष्ट्रीय प्रसारण पर सख्त रुख जाहिर किया। सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई का हवाला देते हुए मोहेब्बी ने कहा कि अमेरिका के साथ किसी भी टकराव में कोई भौगोलिक सीमाएं आड़े नहीं आएंगी और दुश्मन को हर दिशा से नुकसान पहुंचाने की पूरी योजना तैयार है। वहीं विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि ईरान सैन्य जवाब और राजनयिक मेज दोनों के लिए तैयार है, लेकिन वाशिंगटन के हित में यही होगा कि वह बातचीत का विकल्प चुने।
अमेरिकी युद्धपोतों को समुद्र में दफन कर देंगे, ईरान की ट्रंप को खुली धमकी
सैनिक टकराव के साये के बीच कूटनीतिक मोर्चे पर भी सरगर्मी देखी जा रही है। अमेरिका के नवनिर्वाचित उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस द्वारा सीधी बातचीत शुरू करने के लिए भेजे गए पत्र पर ईरान के सुरक्षा प्रमुख मोहसेन रेजाई ने बातचीत के लिए चार सख्त शर्तें रख दी हैं। ईरान की मांग है कि विदेशों में जब्त उसकी सभी संपत्तियों को अविलंब मुक्त किया जाए, ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी हटाई जाए, सभी आर्थिक प्रतिबंध समाप्त हों और सैन्य हमले पूरी तरह रोके जाएं। ईरान का कहना है कि इन शर्तों पर अमल के बाद ही दुनिया के अहम ऊर्जा जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को खोलने पर चर्चा आगे बढ़ सकेगी। उधर मनामा सम्मेलन में यूएई राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गर्गाश ने इस तनाव पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा कि खाड़ी देश हर आपात स्थिति के लिए तैयार हैं, जबकि तेहरान समेत पूरे क्षेत्र के आम नागरिकों में संभावित युद्ध को लेकर खौफ का माहौल बना हुआ है।



