10 हजार कमाने वाला मेडिकल स्टोर कर्मी बना 1 लाख करोड़ का मालिक, कई देशों की GDP जितना आया पैसा; जानें कैसे

One Lakh Crore in Bank Account: राजस्थान के सीकर शहर में एक हैरान कर देने वाला अनोखा मामला सामने आया है, जहां एक साधारण मेडिकल स्टोर पर काम करने वाला युवक रातों-रात दुनिया के सबसे अमीर लोगों की कतार में पहुंच गया।

सालासर बस स्टैंड स्थित निर्मल मेडिकल पाइंट पर महज 10 हजार रुपये महीने की नौकरी करने वाले समीर खान के कोटक महिंद्रा बैंक खाते में तकनीकी गड़बड़ी (टेक्निकल ग्लिच) के चलते अचानक 1 लाख करोड़ रुपये क्रेडिट हो गए। यह धनराशि इतनी विशाल है कि नेपाल, भूटान, मालदीव, मार्शल आइलैंड्स और माइक्रोनेशिया जैसे कई देशों की कुल जीडीपी से भी कहीं अधिक बैठती है।

हालांकि, तकनीकी चूक का पता चलते ही बैंक प्रबंधन ने तुरंत कदम उठाते हुए खाते को पूरी तरह फ्रीज कर दिया, जिसकी वजह से समीर की अपनी गाढ़ी कमाई के 55 हजार रुपये भी अटक गए हैं और वह एक मोबाइल रिचार्ज तक कराने के लिए मोहताज हो गए हैं।

मोबाइल रिचार्ज करते वक्त खुली आंखें, खाते में दिखने लगा शून्य बैलेंस

घटना का खुलासा तब हुआ जब समीर अपने मोबाइल फोन को कोटक महिंद्रा बैंक के मोबाइल बैंकिंग ऐप के जरिए रिचार्ज करने की कोशिश कर रहे थे। ट्रांजैक्शन बार-बार फेल होने पर जब उन्होंने खाते का मिनी स्टेटमेंट और बैलेंस चेक किया, तो उनकी आंखें फटी की फटी रह गईं। अकाउंट में 1 लाख करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि क्रेडिट दर्ज थी, लेकिन बैंक द्वारा खाता ब्लॉक किए जाने की वजह से स्क्रीन पर उपलब्ध बैलेंस शून्य (जीरो) दिखाई दे रहा था।

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समीर के अनुसार, खाते में उनकी खुद की जमा पूंजी के करीब 55 हजार रुपये मौजूद थे, जो अब बैंक द्वारा अकाउंट फ्रीज किए जाने के कारण उसी में लॉक हो गए हैं। मेडिकल स्टोर संचालक धीरज शर्मा ने पुष्टि की कि समीर उनके यहां जनवरी महीने से ईमानदारी से कार्य कर रहा है और उसे प्रति माह 10 हजार रुपये मानदेय दिया जाता है।

साइबर थाने से बैंक तक दौड़, मैनेजर ने जांच के बाद समाधान की कही बात

बैंक खाते में इतनी अकूत धनराशि दिखने के बाद घबराए युवक ने मामले की शिकायत लेकर स्थानीय साइबर अपराध थाने का रुख किया। साइबर थाने के एएसआई दीनदयाल ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह बैंक के सर्वर या सिस्टम का कोई तकनीकी ग्लिच जान पड़ता है और पीड़ित को सीधे संबंधित बैंक शाखा से संपर्क करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, सीकर स्थित कोटक महिंद्रा बैंक के शाखा प्रबंधक नितेश कुमार ने स्पष्ट किया कि खाताधारक स्वयं मूल पहचान पत्रों के साथ बैंक शाखा में आकर संपर्क करे, जिसके बाद आंतरिक जांच कर खाते की स्थिति स्पष्ट की जाएगी और तकनीकी रुकावट को दूर कर दिया जाएगा।

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