भरथना मंडी में किसानों का हंगामा

सुरक्षा व्यवस्था नदारद किसानों ने गेट तोड़कर घुसने का प्रयास

भरथना,इटावा। भरथना की नवीन कृषि उत्पादन मंडी समिति में धान की बंपर आवक के बीच किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। निर्धारित समय के बाद मंडी में प्रवेश नहीं मिलने से नाराज सैकड़ों किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया। कई घंटों से बाहर कतार में ट्रैक्टर लिए खड़े किसानों ने मंडी के अंदर जाने की जिद करते हुए गेट तोड़कर प्रवेश करने का प्रयास किया। इससे मंडी परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसानों को समझाकर शांत कराया। इस दौरान पुलिस और किसानों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। यदि समय रहते पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो हालात और बिगड़ सकते थे।

धान की बंपर आवक को देखते हुए मंडी प्रशासन ने जाम और अव्यवस्था से बचने के लिए किसानों तथा व्यापारियों के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया है। इसके तहत सुबह चार बजे से शाम छह बजे तक किसानों को फसल लेकर मंडी में प्रवेश की अनुमति है, जबकि शाम छह बजे से रात दो बजे तक व्यापारियों के वाहनों में धान की लोडिंग कराई जाती है। शनिवार को किसानों के प्रवेश का निर्धारित समय समाप्त होने के बाद भी कई किसान मंडी में प्रवेश की मांग करने लगे, जिससे विवाद की स्थिति बन गई। मंडी के बाहर करीब दो किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लगी रही।

मंडी में किसानों की भारी भीड़ और वाहनों की लंबी कतारों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरानी की बात यह रही कि मंडी में पहले से कोई पुलिस व्यवस्था दिखाई नहीं दी। मंडी प्रशासन का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस विभाग को लिखित रूप से पत्र देकर पुलिस बल की तैनाती की मांग की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अभी तक मंडी में नियमित सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम नहीं किए गए हैं।

शनिवार की देर रात किसानों के आक्रोश और गेट पर हुए हंगामे के दौरान भी पुलिस की मौजूदगी नहीं थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। ऐसे में सवाल उठता है कि जब धान की बंपर आवक के चलते मंडी में रोजाना बड़ी संख्या में किसान और व्यापारी पहुंच रहे हैं, तो सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अब तक क्यों नहीं किए गए. समय रहते पुलिस की मौजूदगी नहीं होती तो किसानों का आक्रोश गंभीर रूप ले सकता था।

मंडी सचिव संतोष सिंह यादव ने बताया कि मंडी परिसर और सड़क पर जाम की स्थिति न बने, इसके लिए प्रवेश और लोडिंग का समय निर्धारित किया गया है। तय समय में किसान अपनी फसल लेकर मंडी में आएं और इसके बाद निर्धारित समय में व्यापारी अपने वाहनों की लोडिंग कराएं। उन्होंने बताया कि प्रवेश का समय समाप्त होने के बाद किसानों ने अंदर जाने का प्रयास किया, जिससे विवाद की स्थिति उत्पन्न हुई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामला शांत कराया। उन्होंने किसानों से निर्धारित समय का पालन करने की अपील की।

आढ़ती संघ के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव ने भी कहा कि किसानों और व्यापारियों के लिए समय निर्धारित किया गया है। सभी लोग इसका पालन करें, जिससे मंडी में जाम और अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो तथा किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।

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