करंट लगने पर 90% लोग करते हैं ये गलतियां, आप मत करना; वरना जा सकती है जान

electric shock treatment: भीषण गर्मी के बीच शहरों में राहत के लिए लगाए गए उपकरण कभी-कभी खतरे का कारण बन जाते हैं। मथुरा के वृंदावन में हाल ही में एक दर्दनाक घटना सामने आई। यहां 21 साल के युवक की वॉटर स्प्रे कूलर से करंट लगने के बाद मौत हो गई। यह कूलर इस्कॉन मंदिर के बाहर नगर निगम द्वारा गर्मी से राहत के लिए लगाया गया था। मगर उसमें करंट उतरने की वजह से यह हादसा हो गया।

यह घटना दिखाती है कि बिजली से चलने वाले उपकरणों में थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा हो सकती है।

कैसे जानलेवा बन जाता है करंट

बिजली का झटका शरीर के उन हिस्सों को सबसे पहले प्रभावित करता है जो जीवन के लिए जरूरी हैं। जैसे दिल, दिमाग और सांस लेने की प्रक्रिया।

  • करंट दिल की धड़कन को बिगाड़ सकता है। इससे हार्ट फेल या अचानक कार्डियक अरेस्ट हो सकता है।
  • यह सांस नियंत्रित करने वाली मांसपेशियों को भी रोक सकता है। कई बार व्यक्ति तुरंत बेहोश हो जाता है।
  • अगर करंट शरीर में लगातार बना रहे तो मांसपेशियां अकड़ जाती हैं और व्यक्ति खुद को अलग नहीं कर पाता।

शहरों में बिजली सुरक्षा क्यों जरूरी है

तेजी से बढ़ते शहरी इलाकों में कूलर, पंप और अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण जगह-जगह लगाए जाते हैं। अगर इनकी सही जांच न हो तो ये आम लोगों के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं।

खासकर सार्वजनिक जगहों पर लगाए गए उपकरणों की नियमित जांच बहुत जरूरी है ताकि ऐसे हादसे रोके जा सकें।

करंट लगने पर सबसे पहले क्या करें

अगर किसी को बिजली का झटका लगे तो तुरंत सही कदम उठाना जीवन बचा सकता है। घबराहट में गलत कदम स्थिति को और खराब कर सकते हैं।

बिजली का स्रोत तुरंत बंद करें

  • सबसे पहले मेन स्विच बंद करें। इससे बिजली का प्रवाह रुक जाएगा।
  • अगर स्विच दूर हो तो सूखी लकड़ी या प्लास्टिक जैसी चीज से तार को हटाने की कोशिश करें।
  • गीली चीजों या नंगे हाथों का उपयोग बिल्कुल न करें। इससे मदद करने वाला व्यक्ति भी चपेट में आ सकता है।

व्यक्ति को सुरक्षित स्थान पर ले जाएं

  • करंट से प्रभावित व्यक्ति को तुरंत उस जगह से हटाएं। मगर ध्यान रखें कि सीधे शरीर को छूकर खींचने से बचें।
  • अगर संभव हो तो पहले बिजली का स्रोत बंद करना ही सबसे सुरक्षित तरीका है।

सांस और धड़कन की जांच करें

व्यक्ति की सांस और दिल की धड़कन तुरंत जांचें। अगर सांस नहीं चल रही हो तो CPR देना शुरू करें।

छाती पर हल्का दबाव देना और जरूरत पड़ने पर मुंह से सांस देना मददगार हो सकता है।

शरीर को ठंडा और सूखा रखें

  • करंट लगने के बाद व्यक्ति को पानी से दूर रखें।
  • अगर जलन हो रही हो तो प्रभावित हिस्से पर हल्की ठंडी सिकाई की जा सकती है।
  • मगर बर्फ सीधे त्वचा पर ज्यादा देर तक न लगाएं।

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तुरंत डॉक्टर के पास ले जाना जरूरी

  • चाहे व्यक्ति कुछ समय बाद ठीक दिखे, फिर भी उसे डॉक्टर के पास जरूर ले जाएं।
  • कई बार अंदरूनी असर बाद में सामने आता है। इसलिए मेडिकल जांच बेहद जरूरी होती है।

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