एक तारीख से सिम कार्ड नहीं तो WhatsApp समेत ये Apps नहीं चलेंगे, भारत सरकार का बड़ा फैसला

एक मार्च 2026 से भारत में मोबाइल यूजर्स के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव लागू होने जा रहा है। सरकार द्वारा पेश की जा रही नई सिम बाइंडिंग प्रणाली के तहत अब मोबाइल में किसी भी मैसेजिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल करने के लिए सिम कार्ड का होना अनिवार्य होगा। इसका मतलब यह है कि अब व्हाट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल, स्नैपचैट जैसे फेमस मैसेजिंग ऐप्स को केवल उसी डिवाइस में इस्तेमाल किया जा सकेगा जिसमें संबंधित सिम कार्ड डाला गया हो।

क्या होगा असर?

इस नए रूल के लागू होने से जिन यूज़र्स के पास ड्यूल सिम या एक से ज्यादा फोन हैं, उन्हें अपने ऐप्स को लेकर नई रणनीति अपनानी पड़ेगी। अब ये ऐप्स केवल उसी डिवाइस में काम करेंगे, जिसमें उनका संबंधित सिम मौजूद होगा। उदाहरण के लिए यदि आपने व्हाट्सएप एक फोन में सेट किया है और उसमें उस नंबर का सिम कार्ड नहीं है, तो ऐप काम नहीं करेगा।

ये बदलाव मुख्य रूप से सिम बाइंडिंग नामक सिस्टम के तहत किया जा रहा है, जिसमें ऐप का उपयोग केवल उसी डिवाइस पर होगा जिसमें संबंधित सिम कार्ड डाला गया हो। इसका सीधा असर उन लोगों पर पड़ेगा जिनके पास दो या दो से ज्यादा मोबाइल नंबर होते हैं, क्योंकि उन्हें अपने नंबरों को एक ही डिवाइस पर रखने के लिए समायोजन करना होगा।

कंप्यूटर पर व्हाट्सएप अब हर 6 घंटे बाद होगा लॉग आउट

एक और बदलाव ये है कि यदि आप अपने कंप्यूटर पर व्हाट्सएप का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो अब 6 घंटे के बाद आपको लॉग आउट कर दिया जाएगा। इसका मतलब है कि अब आपको बार-बार लॉग इन करना होगा और ये सुविधा अब पहले जैसी नहीं रहेगी।

साइबर सुरक्षा को बढ़ावा

सरकार का कहना है कि इस नए सिम बाइंडिंग सिस्टम के माध्यम से साइबर अपराधों पर काबू पाया जा सकेगा। क्योंकि, अब सिम और ऐप एक-दूसरे से जुड़े होंगे, जिससे पहचान और सुरक्षा के मामलों में सुधार होगा। अगर किसी साइबर अपराधी ने किसी अन्य व्यक्ति के सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल किया, तो वह ऐप को उपयोग में नहीं ला सकेगा।

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आखिरी तारीख: 28 फरवरी से बाद नहीं होगा बदलाव

सरकार ने स्पष्ट किया है कि सिम बाइंडिंग के नियमों के लागू होने के बाद 28 फरवरी 2026 की डेडलाइन के बाद कोई छूट नहीं मिलेगी। इसका मतलब है कि अगर आपने सिम कार्ड और ऐप्स के उपयोग को लेकर कोई अन्य व्यवस्था बनाई है, तो वह अब काम नहीं करेगी।

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