वीर योद्धा अब्दुल हमीद की प्रतिमा दुर्दशा की शिकार क्यों?
पूर्व कार्यकाल में पालिका अध्यक्ष रंजना यादव ने अब्दुल हमीद की प्रतिमा को किया था स्थापित

भरथना,इटावा। देश की आजादी और स्वतंत्रता आंदोलन में इटावा जनपद वासियों का बड़ा योगदान रहा है,जिसके चलते भरथना तहसील क्षेत्र समेत कस्बा क्षेत्र के अनगिनत आंदोलनकारियों के जज्बे और उनके त्याग व कुर्बानियों को भुलाया नहीं जा सकता,वे हम सब देशवासियों के लिए हमेशा प्रेरणास्रोत बने रहेंगे।
उन्हें सदा याद रखने के पालिका प्रशासन ने सब्जी मंडी में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी,विहार के पूर्व प्रधानमंत्री कर्पूरी ठाकुर, समेत क्षेत्रीय केई स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और आंदोलनकारियों के अलावा बालूगंज स्थित शहीद पार्क में चंद्र शेखर आजाद,सरदार भगत सिंह की प्रतिमाओं को स्थापित किया गया है।
इसी क्रम में शहीद पार्क में शहीद चंद्र शेखर आजाद के बगल में शुक्रवार को एक भव्य आयोजन के साथ नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक प्रतिमा को स्थापित कराया गया है।
यहां बताना यह जरूरी है कि विगत कार्यकाल के सभासद निहालुद्दीन की लगातार मांग पर पालिकाध्यक्ष श्रीमती रंजना यादव ने कस्बा के मुख्य मार्ग जवाहर रोड चौराहा पर वीर योद्धा अब्दुल हमीद की प्रतिमा को भव्यता के साथ स्थापित कराया था। लेकिन स्थानीय समाजसेवी और पालिका समेत प्रशासन शहीद पार्क में स्थापित प्रतिमाओं को छोड़ अन्य सभी आंदोलनकारियों और वीर योद्धाओं की प्रतिमाओं को सम्मान देना और उनकी प्रतिमाओं की साफ सफाई देख रख करना तो दूर अवसरों पर उनको दो फूल चढ़ाना तक भूल गए,सबसे बड़ी बात तो यह कि विगत दिवस वीर योद्धा अब्दुल हमीद के शहादत पर उन्हें दो फूल तक नसीब नहीं हुए जिसके समाचार मीडिया में जमकर प्रकाशित हुए थे।
वर्तमान में देश के वीर योद्धाओं की प्रतिमा स्थापित करने का क्रम बना हुआ है लेकिन सवाल यह उठता है,जब प्रशासन वीर योद्धा अब्दुल हमीद जैसे योद्धा की प्रतिमा को वह सम्मान आखिर क्यों नहीं मिल पा रहा है? जो अन्य देश के महापुरुषों और आंदोलनकारियों को मिल रहा है।
आपको बतादें वर्तमान में वीर योद्धा अब्दुल हमीद की प्रतिमा का का स्तंभ वाहनों की टक्करों से बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है,उसके टायल्स आदि टूट चुके हैं,वाहनों की टक्कर से स्तंभ की दिशा बदल गई है,वीर योद्धा अब्दुल हमीद की उक्त सम्मानित प्रतिमा साफ सफाई रंग रोगन की मोहताज बनी हुई है।
अगर प्रशासन हमारे देश के महापुरुष और आंदोलनकारियों की पूर्व से स्थापित प्रतिमाओं की सुरक्षा रख रखाव साफ सफाई आदि नहीं कर सकता तो अन्य महापुरुष और आंदोलनकारियों की प्रतिमाएं स्थापित कराने का क्या फायदा?



