रूस की अर्थव्यवस्था को सीधा झटका; यूक्रेन की दुनिया की सबसे बड़ी गैस परियोजना पर ड्रोन हमला
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष के ताजे घटनाक्रम, जिसमें यूक्रेन का ड्रोन हमला और रूस की ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होना प्रमुख है।

ukraine drone attack: रूस और यूक्रेन के मध्य विवाद थमने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। यूक्रेन ने दक्षिणी रूस में एक प्रमुख गैस प्रसंस्करण संयंत्र को निशाना बनाकर ड्रोन हमला किया है। रूसी अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इस हमले के कारण कज़ाकिस्तान से गैस की आपूर्ति अस्थायी रूप से रुक गई है।
गज़प्रोम का संयंत्र नष्ट
ओरेनबर्ग स्थित यह गैस संयंत्र दुनिया के सबसे बड़े गैस उत्पादन और प्रसंस्करण केंद्रों में से एक है। इसकी वार्षिक क्षमता 45 अरब घन मीटर है और यह कज़ाकिस्तान के कराचाय-चर्केसिया क्षेत्र से ‘गैस संघनित’ का प्रसंस्करण करता है। इसका संचालन रूसी सरकारी स्वामित्व वाली कंपनी गज़प्रोम द्वारा किया जाता है।
क्षेत्रीय गवर्नर येवगेनी सोलन्त्सेव के अनुसार, ukraine drone attack के कारण संयंत्र की एक कार्यशाला में आग लग गई और संयंत्र के एक हिस्से को काफी नुकसान पहुँचा। कज़ाख ऊर्जा मंत्रालय ने भी इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि इस हमले के कारण गज़प्रोम को कज़ाख गैस का प्रसंस्करण अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा। यूक्रेन ने यह भी दावा किया कि ओरेनबर्ग संयंत्र में आग लग गई और एक गैस शोधन इकाई क्षतिग्रस्त हो गई।
यूक्रेन ने रूस की ‘अर्थव्यवस्था’ को निशाना बनाया
यूक्रेन ने हाल के महीनों में रूसी ऊर्जा संयंत्रों पर हमले तेज़ कर दिए हैं। यूक्रेन इन संयंत्रों को निशाना बनाकर रूस की अर्थव्यवस्था पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है जो मास्को के युद्ध को सीधे तौर पर वित्तपोषित और समर्थन करते हैं।
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ट्रंप के बयान से हलचल
युद्ध के मद्देनजर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फॉक्स न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने संकेत दिया कि शांति स्थापित करने के लिए यूक्रेन को रूस द्वारा कब्ज़ा किए गए कुछ क्षेत्र को छोड़ना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पास कुछ तो बचेगा। ट्रंप ने यूक्रेन को ‘टॉमहॉक’ मिसाइलें देने पर अनिर्णायक रुख अपनाकर अमेरिकी हथियारों के भंडार की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की।



