Two Wheeler New Rule: योगी सरकार का बड़ा फैसला: बाइक-स्कूटी वालों के लिए अब बदल गए नियम

Two Wheeler New Rule: जान बेशक चली जाए, मगर बिगड़ी आदत सुधारी न जाए। ट्रैफिक नियमों के प्रति उदासीन प्रत्येक वाहन चालक पर यह बात सटीक बैठती है। न जान की चिंता, न जुर्माना होने का डर और ना डीएल निलंबित होने की टेंशन…। सुप्रीम कोर्ट, सरकार और परिवहन विभाग की निरंतर सख्ती और चेतावनी के बावजूद यदि आप ट्रैफिक नियमों का पालन करने को राजी नहीं हैं तो संभवत: यमराज के साथ आपका याराना है।

शायद यमराज ने आपका जीवन जीने का खाता अभी बंद नहीं करने का भरोसा दे रखा है। यह मजाक ने बल्कि वाकई चिंता की बात है कि देश में प्रतिवर्ष एक लाख से अधिक नागरिक सड़क हादसों में अपनी जान गंवा देते हैं। इसके बावजूद यातायात नियमों के प्रति बेरुखी बरकरार है। सड़क हादसों में वृद्धि से चिंतित योगी सरकार ने दोपहिया वाहन के चालक एवं सहचालक के लिए हेलमेट लगाना अनिवार्य कर दिया है। वैसे यह अनिवार्यता पहले से लागू है, मगर बड़ी संख्या में दोपहिया वाहन चालक एवं सह चालक इस नियम का पालन करने को तैयार नहीं हैं।

बगैर हेलमेट पर निलंबित हो सकता है डीएल

बगैर हेलमेट बाइक या स्कूटी चलाने पर एक हजार रुपए जुर्माने का प्रावधान है। इसके अलावा तीन माह के लिए डीएल भी निलंबित हो सकता है। उत्तर प्रदेश शासन के निर्णय का अनुपालन कराने के लिए परिवहन आयुक्त की तरफ से इस संबंध में आदेश जारी किया गया है। परिवहन आयुक्त के आदेश का शत-प्रतिशत पालन हो पाएगा, इसकी संभावना कम है।

भारत जैसे बड़े और अविकसित देश में यातायात नियमों को ठेंगे पर रखने का चलन बहुत पुराना है। बात चाहे चार पहिया की हो या दोपहिया की, ज्यादातर चालक मनमाने तरीके से ड्राइविंग करते देखे जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस की सख्ती का इतना असर जरूर नजर आता है कि अधिकांश दोपहिया वाहन चालक सफर के दौरान हेलमेट लगाने लगे हैं, मगर सह चालक खासकर महिलाएं हेलमेट से गुरेज करती हैं। देश में दोपहिया वाहनों के कारण सबसे ज्यादा सड़क हादसे होते हैं।

ओवरस्पीड, रेड लाइट जंप करने, नशे में ड्राइविंग आदि कारणों से दोपहिया वाहन चालक अपने साथ साथ दूसरों की जिंदगी से भी खिलवाड़ करने से बाज नहीं आते हैं। यातायात नियमों को लेकर यूपी से ज्यादा सख्ती दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू-कश्मीर में नजर आती है।

ट्रैफिक नियम तोड़ने की एक वजह ये भी

वहां ट्रैफिक रूल्स तोड़ना इतना आसान नहीं है। दरअसल भारत में यातायात नियमों की अनदेखी का एक बड़ा कारण यह भी है कि बच्चों को बचपन से इस बारे में जागरूक नहीं किया जाता है। जैसे-जैसे वह बड़े होते हैं और अपने से बड़ों को रश ड्राइविंग करते देखते हैं तो उनके भीतर भी यह आदत स्वत: आ जाती है।

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दोपहिया वाहन के चालक एवं सह चालक के लिए हेलमेट की अनिवार्यता का योगी सरकार का फैसला प्रशंसनीय है। सड़कों पर समय के साथ वाहनों की संख्या भी बढ़ी है। ऐसे में हादसों का ग्राफ भी ऊपर जा रहा है। किसी एक लापरवाह व्यक्ति की वजह से यदि दूसरे की जान को खतरा उत्पन्न होता है तो यह किसी अपराध से कम नहीं माना जाना चाहिए।

बाइक और स्कूटी के चालक एवं सह चालक को सरकार के आदेश का पालन करना चाहिए। चूंकि जिंदगी को अनमोल माना जाता है। एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे को जन्म दे जाती है। बाद में लकीर पीटने के अलावा कोई चारा नहीं बचता है ।

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