बाल मामलों में अफवाह नहीं, सत्य जरूरी: प्रेम शाक्य

इटावा। सोशल मीडिया पर हरियाणा में 9 वर्ष की बच्ची के गर्भवती होने से संबंधित एक वीडियो इन दिनों तेजी से वायरल हो रहा है। इस संबंध में बाल संरक्षण विशेषज्ञ एवं समाजसेवी प्रेम कुमार शाक्य ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि इस प्रकार की किसी भी असत्यापित और संवेदनशील वीडियो को न तो लाइक करें और न ही शेयर करें।
शाक्य ने कहा कि बच्चों से जुड़ी इस तरह की खबरें अत्यंत संवेदनशील होती हैं। बिना प्रशासनिक पुष्टि के वीडियो को फैलाना न केवल कानूनी अपराध की श्रेणी में आ सकता है, बल्कि इससे समाज में भ्रम, भय और गलत संदेश भी फैलता है। कई बार ऐसे वीडियो भ्रामक, एडिटेड या पूरी तरह फर्जी होते हैं, जिनका उद्देश्य केवल सनसनी फैलाना होता है।
उन्होंने बताया कि यदि वास्तव में किसी नाबालिग बच्ची के साथ ऐसी कोई गंभीर घटना होती है, तो वह पॉक्सो एक्ट, किशोर न्याय अधिनियम और बाल संरक्षण कानूनों के तहत सीधे प्रशासन, पुलिस और बाल कल्याण समिति के संज्ञान में आती है। ऐसी स्थिति में सोशल मीडिया पर वीडियो फैलाने की बजाय तत्काल संबंधित विभागों को सूचना देना ही सही और जिम्मेदार कदम है। श्री शाक्य ने स्पष्ट कहा कि बच्चों की गरिमा और निजता की रक्षा करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। वायरल वीडियो को शेयर करना किसी समाधान का हिस्सा नहीं, बल्कि समस्या को और गंभीर बनाता है।
उन्होंने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को बच्चों के शोषण, उत्पीड़न या अपराध की जानकारी मिले तो 1098 चाइल्ड हेल्पलाइन, नजदीकी पुलिस थाना या जिला बाल संरक्षण इकाई से संपर्क करें, सोशल मीडिया पर अफवाह न फैलाएं।



